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Kotdwar News: दुगड्डा की अध्यक्ष निर्वाचित हुईं शांति बिष्ट, प्रतिद्वंद्वी को 76 वोटों से हराया
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दुगड्डा। राष्ट्रीय पार्टियों को तीसरे और चौथे पायदार पर धकेलकर निर्दलीय उम्मीदवार शांति बिष्ट अध्यक्ष निर्वाचित हुईं। उन्होंने निवर्तमान अध्यक्ष भावना चौहान को 76 वोटों के अंतर से पराजित किया। वहीं, रेनू सुंद्रियाल, सुशीला देवी, अंशु एवं अतुल अग्रवाल सभासद निर्वाचित हुए।दुगड्डा नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा, कांग्रेस के अलावा दो निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। दुगड्डा की जनता ने भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को पूरी तरह से नकार दिया। कांग्रेस प्रत्याशी लक्ष्मी को मात्र 18 ही वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी अनीता गौड़ 201 वोट पाने में सफल हुईं। निवर्तमान अध्यक्ष भावना चौहान ने 424 वोट पाकर 2013 में सभासद रहीं शांति बिष्ट को कड़ी टक्कर दी, लेकिन उनके विजय रथ को रोक नहीं सकीं। शांति बिष्ट 500 वोट पाकर अध्यक्ष निर्वाचित हुईं। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशी रेनू सुंद्रियाल (122), कमला नेहरू (121), भाजपा प्रत्याशी अशु (83) एवं अतुल अग्रवाल (208) सभासद निर्वाचित हुए।
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जनता का प्यार है, जो मैं इतने वोटों से जीती
अध्यक्ष निर्वाचित हुईं शांति बिष्ट ने अपनी जीत का श्रेय जनता के प्यार को दिया। अपनी प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सभी ज्वलंत समस्याओं और विकास की अपेक्षाओं को प्राथमिकता पर रखा जाएगा। अब जो भी होगा अच्छा होगा। जनता के बीच जाया जाएगा।
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2013 में सभासद रह चुकी हैं शांति बिष्ट
2013 में दुगड्डा की सभासद रह चुकी शांति बिष्ट पारिवारिक कारणों से कोटद्वार आकर बस गई थीं। पिछले एक दशक में जनता की उपेक्षा और विकास के नाम पर छल को महसूस करते हुए शांति बिष्ट फिर से जनता के बीच पहुंचीं। इस बार जनता ने उन्हें अध्यक्ष पद की कुर्सी सौंपी।
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ये रहेंगी अध्यक्ष के लिए चुनौतियां
पर्यटन क्षेत्र का द्वार होने के बावजूद पार्किंग का अभाव
स्वच्छ पेयजल योजनाओं का धरातल पर नहीं उतरना
दो नदियों के बीच स्थित दुगड्डा की सुरक्षा के इंतजाम
कूड़ा निस्तारण संयंत्र की स्थापना और वन्य जीवों से सुरक्षा
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जनता का प्यार है, जो मैं इतने वोटों से जीती
अध्यक्ष निर्वाचित हुईं शांति बिष्ट ने अपनी जीत का श्रेय जनता के प्यार को दिया। अपनी प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सभी ज्वलंत समस्याओं और विकास की अपेक्षाओं को प्राथमिकता पर रखा जाएगा। अब जो भी होगा अच्छा होगा। जनता के बीच जाया जाएगा।
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2013 में सभासद रह चुकी हैं शांति बिष्ट
2013 में दुगड्डा की सभासद रह चुकी शांति बिष्ट पारिवारिक कारणों से कोटद्वार आकर बस गई थीं। पिछले एक दशक में जनता की उपेक्षा और विकास के नाम पर छल को महसूस करते हुए शांति बिष्ट फिर से जनता के बीच पहुंचीं। इस बार जनता ने उन्हें अध्यक्ष पद की कुर्सी सौंपी।
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ये रहेंगी अध्यक्ष के लिए चुनौतियां
पर्यटन क्षेत्र का द्वार होने के बावजूद पार्किंग का अभाव
स्वच्छ पेयजल योजनाओं का धरातल पर नहीं उतरना
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कूड़ा निस्तारण संयंत्र की स्थापना और वन्य जीवों से सुरक्षा