दुगड्डा ब्लाक के अंतर्गत गत एक दिसंबर की शाम भैड़गांव निवासी 65 वृद्धा जयंती देवी को मार डालने वाला गुलदार घटना के पांच दिन बाद भी पिंजरे में नहीं फंस पाया है। जबकि ट्रैप कैमरे में भी गुलदार नहीं दिख रहा है। वन विभाग ने सोमवार को दूसरी बार ट्रैप कैमरे की लोकेशन बदली जबकि पिंजरे को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया। गुलदार की दहशत के कारण जुवा, भैड़गांव, बंगला गांव के स्कूली बच्चे और ग्रामीण वन कर्मियों के पहरे के बीच दुगड्डा में आवाजाही कर रहे हैं।
सरूड़ा सकाली और जुवा के ग्रामीणों ने बताया कि गुलदार की आवाजें रातभर सुनाई दे रही हैं, लेकिन गुलदार पिंजरे के आसपास नहीं फटक रहा है। गुलदार की दहशत के कारण शाम ढलते ही ग्रामीण घरों में कैद होने के लिए मजबूर हैं। स्कूली बच्चे और ग्रामीण दुगड्डा जाने के लिए वन कर्मियों के पहरे के बीच आवाजाही कर रहे हैं। रेंजर किशोर नौटियाल ने बताया कि ट्रैप कैमरे में गुलदार नहीं दिखा है, जिस पर सोमवार को दूसरे दिन ट्रैप कैमरे की लोकेशन दूसरी बार बदली गई है। साथ ही पिंजरे को भी गांव की सरहद पर पहले वाली जगह से करीब 100 मीटर दूर शिफ्ट कर दिया गया है।