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घोटाले के मुख्य आरोपी का आत्मसमर्पण, जेल भेजा
ब्यूरो/ अमर उजाला कोटद्वार
Updated Fri, 05 Feb 2016 09:46 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विश्वविद्यालय में फर्जी बिल घोटाले के मुख्य आरोपी ट्रेवल एजेंसी के संचालक ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय पौड़ी में आत्मसमर्पण कर दिया है। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
गढ़वाल विवि में वर्ष 2007-08 में वाहन सेवा का टेंडर बीएस नेगी टूर एंड ट्रेवल कंपनी को दिया गया था। विवि ने कंपनी की सेवाओं के लिए उसे 3.50 लाख का भुगतान किया। वर्ष 2010-11 में सोसायटी फार रेगुलेशन अंगेस्ट करप्शन संस्था के महासचिव संतोष ममगाईं ने आरटीआई के तहत वाहन सेवा के भुगतान की सूचना मांगी। उन्होंने विवि की ओर से किए गए बिलों के भुगतान का सत्यापन आरटीओ पौड़ी, हरिद्वार और देहरादून से करवाया। जांच करने पर पता चला कि दोपहिया और तिपहिया वाहनों के फर्जी बिलों से भुगतान किया गया है। सोसायटी की ओर से इस संबंध में पुलिस को तहरीर देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर सोसाइटी ने कोर्ट में अपील की। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सात जून 2014 को मुकदमा दर्ज किया। तीन फरवरी को मुख्य आरोपी एजेंसी संचालक बीएस नेगी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। विवेचना अधिकारी एसआई रविंद्र शाह ने बताया कि विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों की मामले में संलिप्तता के सबूत एकत्रित किए जा रहे हैं। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।ब्यूरो
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गढ़वाल विवि में वर्ष 2007-08 में वाहन सेवा का टेंडर बीएस नेगी टूर एंड ट्रेवल कंपनी को दिया गया था। विवि ने कंपनी की सेवाओं के लिए उसे 3.50 लाख का भुगतान किया। वर्ष 2010-11 में सोसायटी फार रेगुलेशन अंगेस्ट करप्शन संस्था के महासचिव संतोष ममगाईं ने आरटीआई के तहत वाहन सेवा के भुगतान की सूचना मांगी। उन्होंने विवि की ओर से किए गए बिलों के भुगतान का सत्यापन आरटीओ पौड़ी, हरिद्वार और देहरादून से करवाया। जांच करने पर पता चला कि दोपहिया और तिपहिया वाहनों के फर्जी बिलों से भुगतान किया गया है। सोसायटी की ओर से इस संबंध में पुलिस को तहरीर देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर सोसाइटी ने कोर्ट में अपील की। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सात जून 2014 को मुकदमा दर्ज किया। तीन फरवरी को मुख्य आरोपी एजेंसी संचालक बीएस नेगी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। विवेचना अधिकारी एसआई रविंद्र शाह ने बताया कि विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों की मामले में संलिप्तता के सबूत एकत्रित किए जा रहे हैं। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।ब्यूरो
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