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Kotdwar News: काशीपुर-बुआखाल हाईवे पर गोंणी छिड़ा के पास गिरी चट्टान, छह घंटे आवाजाही बाधित
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बैजरो। काशीपुर-बुआखाल नेशनल हाईवे पर बीरोंखाल ब्लॉक के अंतर्गत गोंणी छिड़ा के पास शुक्रवार सुबह पहाड़ी से चट्टान गिरने से करीब छह घंटे आवागमन ठप रहा। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हाईवे से आवाजाही कर रहे लोग व यात्री जाम में फंसे रहे। शाम को हाईवे खुलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
काशीपुर-बुआखाल हाईवे पर गोंणी छिड़ा के पास सुबह करीब दस बजे पहाड़ी से चट्टान टूट कर गिर गई, जिससे हाईवे पर आवागमन ठप हो गया। यहां पौड़ी से रामनगर व रामनगर से थलीसैंण जाने वाले छोटे-बड़े वाहन फंसे गए। टैक्सी की सवारियां तो पहाड़ पर चढ़कर पैदल ही निकल गईं, लेकिन प्राइवेट वाहन मौके पर ही फंसे रह गए।
दोपहिया वाहन भी नहीं निकल पाए। पौड़ी से रामनगर जाने वाली बस सर्विस के सात यात्री सुबह 10:00 बजे से बस में ही फंसे रहे। वहां से चाय पानी की दुकान भी चार किमी दूर थी, जिससे सामान छोड़कर जाना भी संभव नहीं था। लोग जीप टैक्सी में अदला-बदली कर चल रहे थे। हाईवे पर फंसे यात्री दिनभर भूखे-प्यासे हाईवे खुलने का इंतजार करते रहे। मार्ग पर फंसे हुए यात्रियों का कहना है वे सुबह से एनएच प्रशासन से हाईवे को खोलने की गुहार लगाते रहे, लेकिन हाईवे न खुलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
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उधर, एनएच खंड लोनिवि धुमाकोट के सहायक अभियंता गिरीश टम्टा ने कहा कि जेसीबी की व्यवस्था करने के बाद शाम 4:30 बजे चट्टान को हटाकर हाईवे को आवागमन के लिए खोल दिया गया है।
काशीपुर-बुआखाल हाईवे पर गोंणी छिड़ा के पास सुबह करीब दस बजे पहाड़ी से चट्टान टूट कर गिर गई, जिससे हाईवे पर आवागमन ठप हो गया। यहां पौड़ी से रामनगर व रामनगर से थलीसैंण जाने वाले छोटे-बड़े वाहन फंसे गए। टैक्सी की सवारियां तो पहाड़ पर चढ़कर पैदल ही निकल गईं, लेकिन प्राइवेट वाहन मौके पर ही फंसे रह गए।
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दोपहिया वाहन भी नहीं निकल पाए। पौड़ी से रामनगर जाने वाली बस सर्विस के सात यात्री सुबह 10:00 बजे से बस में ही फंसे रहे। वहां से चाय पानी की दुकान भी चार किमी दूर थी, जिससे सामान छोड़कर जाना भी संभव नहीं था। लोग जीप टैक्सी में अदला-बदली कर चल रहे थे। हाईवे पर फंसे यात्री दिनभर भूखे-प्यासे हाईवे खुलने का इंतजार करते रहे। मार्ग पर फंसे हुए यात्रियों का कहना है वे सुबह से एनएच प्रशासन से हाईवे को खोलने की गुहार लगाते रहे, लेकिन हाईवे न खुलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
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उधर, एनएच खंड लोनिवि धुमाकोट के सहायक अभियंता गिरीश टम्टा ने कहा कि जेसीबी की व्यवस्था करने के बाद शाम 4:30 बजे चट्टान को हटाकर हाईवे को आवागमन के लिए खोल दिया गया है।