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प्रतिबंधित दवाइयों के साथ वैद्य के कागजों पर चल रहा था क्लीनिक
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कोटद्वार। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोटद्वार के लकड़ीपड़ाव में संचालित एक क्लीनिक पर छापा मारा। उन्होंने प्रतिबंधित दवाइयों के साथ वैद्य के कागजातों पर चल रहे क्लीनिक संचालक की डिग्री और वहां पड़ी दवाइयों को जब्त कर लिया। क्लीनिक संचालक के खिलाफ क्लीनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
ब्लाक मेडिकल ऑफिसर डा. शैलेंद्र बड़थ्वाल ने बताया कि कोटद्वार के झूलाबस्ती गाड़ीघाट निवासी रमेश रावत ने वर्ष 2016 में लकड़ीपड़ाव मेें संचालित एक प्राइवेट क्लीनिक संचालक सरफराज अंसारी के यहां अपने बच्चे का इलाज कराया था। इंजेक्शन का साइड इफेक्ट हो गया था। डाक्टर का पर्चा नहीं होने के कारण क्लीनिक संचालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही थी। इसके कारण रमेेश रावत ने सीएम हेल्पलाइन पर मामले की शिकायत की थी। इसके जवाब में उनके पास इस मामले की जांच आई थी। जांच के तहत वह टीम को लेकर सरफराज के क्लीनिक पर गए थे। वहां जाकर जांच में क्लीनिक संचालक द्वारा मरीज को पर्चा नहीं दिए जाने की बात सामने आई। दवाइयों की जांच करने पर क्लीनिक में प्रतिबंधित दवाइयां पाई गईं। संचालक के पास वैद्य के कागजात पाए गए। इसके कारण क्लीनिक संचालक की सभी दवाइयों और कागजातों को जब्त कर लिया गया है। सीएमओ कार्यालय को क्लीनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई करने के लिए कागजातों को भेजा जा रहा है।
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ब्लाक मेडिकल ऑफिसर डा. शैलेंद्र बड़थ्वाल ने बताया कि कोटद्वार के झूलाबस्ती गाड़ीघाट निवासी रमेश रावत ने वर्ष 2016 में लकड़ीपड़ाव मेें संचालित एक प्राइवेट क्लीनिक संचालक सरफराज अंसारी के यहां अपने बच्चे का इलाज कराया था। इंजेक्शन का साइड इफेक्ट हो गया था। डाक्टर का पर्चा नहीं होने के कारण क्लीनिक संचालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही थी। इसके कारण रमेेश रावत ने सीएम हेल्पलाइन पर मामले की शिकायत की थी। इसके जवाब में उनके पास इस मामले की जांच आई थी। जांच के तहत वह टीम को लेकर सरफराज के क्लीनिक पर गए थे। वहां जाकर जांच में क्लीनिक संचालक द्वारा मरीज को पर्चा नहीं दिए जाने की बात सामने आई। दवाइयों की जांच करने पर क्लीनिक में प्रतिबंधित दवाइयां पाई गईं। संचालक के पास वैद्य के कागजात पाए गए। इसके कारण क्लीनिक संचालक की सभी दवाइयों और कागजातों को जब्त कर लिया गया है। सीएमओ कार्यालय को क्लीनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई करने के लिए कागजातों को भेजा जा रहा है।
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