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तेज बारिश के बाद उफनाया पनियाली गदेरा, अटकी सांसे
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कोटद्वार में बारिश के दौरान उफनाकर बहता पनियाली गदेरा।
- फोटो : KOTDWAR
कोटद्वार। क्षेत्र में सुबह से दोपहर तक हुई करीब पांच घंटे की बारिश से आपदा का सबब बना पनियाली गदेरा एक बार फिर से उफान पर रहा। इस दौरान नाले के निकटवर्ती क्षेत्र के लोगों की सांसें अटकी रहीं। आपदा से डरे हुए कई लोगों ने अपने गदेरे की तरफ के कमरों का सामान समेटना शुरू कर दिया। दो बजे के बाद पानी कम होने से लोगों ने चैन की सांस ली।
शनिवार को सुबह सात बजे आसमान पर काले बादल छाए और झमाझम बारिश शुरू हो गई। उसके बाद 11 बजे से 12 बजे तक एक घंटे हुए मूसलाधार बारिश के चलते पनियाली गदेरे में उफान आ गया। इससे शिवपुर, जौनपुर, आमपड़ाव, मानपुर, सिताबपुर, काशीरामपुर और कौड़िया के लोगों में दहशत छा गई। पिछले तीन साल से आ रही आपदा से डरे हुए गदेरे से सटे घरों के लोगों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया। गदेरे के उफान में कमी आने और बारिश के बंद नहीं होने तक लोगों की सांसें अटकी रहीं।
समाजसेवी गुड्डू चौहान, अनिल भट्ट, विनोद चौहान व महेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रशासन द्वारा कराए गए चैनलाइजेशन के कार्य के चलते गदेरे के उफान से किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन आज भी कई स्थानों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य करने की जरूरत है। जौनपुर पुल के पास लोग पिछले एक साल से अस्थायी सुरक्षा दीवार के निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई है। इसके कारण लोगों को बाढ़ का खतरा सता रहा है। उन्होंने प्रशासन से बाढ़ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
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उधर, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अनिल राठौर ने बताया कि बाढ़ सुरक्षा के लिए पनियाली गदेरे में जेसीबी लगाई गई है। बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने के लिए ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं।
-फोटो
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शनिवार को सुबह सात बजे आसमान पर काले बादल छाए और झमाझम बारिश शुरू हो गई। उसके बाद 11 बजे से 12 बजे तक एक घंटे हुए मूसलाधार बारिश के चलते पनियाली गदेरे में उफान आ गया। इससे शिवपुर, जौनपुर, आमपड़ाव, मानपुर, सिताबपुर, काशीरामपुर और कौड़िया के लोगों में दहशत छा गई। पिछले तीन साल से आ रही आपदा से डरे हुए गदेरे से सटे घरों के लोगों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया। गदेरे के उफान में कमी आने और बारिश के बंद नहीं होने तक लोगों की सांसें अटकी रहीं।
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समाजसेवी गुड्डू चौहान, अनिल भट्ट, विनोद चौहान व महेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रशासन द्वारा कराए गए चैनलाइजेशन के कार्य के चलते गदेरे के उफान से किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन आज भी कई स्थानों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य करने की जरूरत है। जौनपुर पुल के पास लोग पिछले एक साल से अस्थायी सुरक्षा दीवार के निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई है। इसके कारण लोगों को बाढ़ का खतरा सता रहा है। उन्होंने प्रशासन से बाढ़ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
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उधर, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अनिल राठौर ने बताया कि बाढ़ सुरक्षा के लिए पनियाली गदेरे में जेसीबी लगाई गई है। बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने के लिए ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं।
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