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Kotdwar News: महिला आरक्षित कोच पर नहीं रेलवे का ध्यान
Wed, 16 Apr 2025 05:27 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 16 Apr 2025 05:27 PM IST
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सीटें कब्जा लेते हैं पुरुष यात्री, फिर रेलवे पुलिस को करनी पड़ती है मशक्कत
कोटद्वार। रेलवे का पैसेंजर ट्रेन के महिला आरक्षित कोच के रखरखाव पर ध्यान ही नहीं है। कोच के बाहर महिला कोच की पट्टिका नहीं लगाई गई है। महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में पुरुष यात्री सवार होने से महिला यात्रियों को भटकना पड़ रहा है। वहीं, रेलवे पुलिस का कहना है कि समय-समय पर पेट्रोलिंग के दौरान पुरुष यात्रियों को महिला कोच से उतारा जाता है।
कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच तीन पैसेंजर ट्रेन चलती है, जिसमें महज दो कोच ही लगाए जाते हैं। इनके साथ एक सीटिंग कम लगेज रैक (एसएलआर कोच) होता है। इसके तीन हिस्सों में से एक में गार्ड बैठते हैं। एक हिस्से में लगेज बना है और एक हिस्सा दिव्यांगों व महिलाओं के बैठने के लिए आरक्षित है। कोच पर गार्ड, लगेज और दिव्यांगों के आरक्षण की स्थिति तो स्पष्ट की गई है, लेकिन महिला कोच पर पट्टिका नहीं लगाई गई है। सुबह व शाम के समय ट्रेन में यात्रियों की खासी भीड़ होने से महिला कोच में पुरुष यात्री भी सवार हो रहे हैं।
सोमवार को भी ऐसा ही हुआ। महिला कोच में कई पुरुष यात्री सवार थे। कई महिलाओं को ट्रेन के बाहर खड़ा रहना पड़ा। महिला यात्रियों वीरो देवी, रशीदा का कहना था कि रेलवे का इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं है। सुमन राजपूत का कहना था कि ट्रेन में भीड़ अधिक रहती है, तो रेलवे को कोच बढ़ाने चाहिए। अन्य महिलाओं का कहना था कि पुरुषों से खचाखच भरे कोच में महिलाएं असहज महसूस करती हैं। सूचना पर पहुंचे रेलवे पुलिस कर्मियों ने पुरुष यात्रियों को महिला कोच से उतारा।
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- ट्रेन के गार्ड अथवा सीधे महिलाओं द्वारा अगर इस तरह की कोई शिकायत मिलती है, तो रेलवे पुलिस की मदद से महिला कोच को खाली करा लिया जाता है। महिला आरक्षण पट्टिका के लिए संपर्क किया जाएगा। -मनोज रावत, एसएस कोटद्वार
फोटो समाचार
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कोटद्वार। रेलवे का पैसेंजर ट्रेन के महिला आरक्षित कोच के रखरखाव पर ध्यान ही नहीं है। कोच के बाहर महिला कोच की पट्टिका नहीं लगाई गई है। महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में पुरुष यात्री सवार होने से महिला यात्रियों को भटकना पड़ रहा है। वहीं, रेलवे पुलिस का कहना है कि समय-समय पर पेट्रोलिंग के दौरान पुरुष यात्रियों को महिला कोच से उतारा जाता है।
कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच तीन पैसेंजर ट्रेन चलती है, जिसमें महज दो कोच ही लगाए जाते हैं। इनके साथ एक सीटिंग कम लगेज रैक (एसएलआर कोच) होता है। इसके तीन हिस्सों में से एक में गार्ड बैठते हैं। एक हिस्से में लगेज बना है और एक हिस्सा दिव्यांगों व महिलाओं के बैठने के लिए आरक्षित है। कोच पर गार्ड, लगेज और दिव्यांगों के आरक्षण की स्थिति तो स्पष्ट की गई है, लेकिन महिला कोच पर पट्टिका नहीं लगाई गई है। सुबह व शाम के समय ट्रेन में यात्रियों की खासी भीड़ होने से महिला कोच में पुरुष यात्री भी सवार हो रहे हैं।
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सोमवार को भी ऐसा ही हुआ। महिला कोच में कई पुरुष यात्री सवार थे। कई महिलाओं को ट्रेन के बाहर खड़ा रहना पड़ा। महिला यात्रियों वीरो देवी, रशीदा का कहना था कि रेलवे का इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं है। सुमन राजपूत का कहना था कि ट्रेन में भीड़ अधिक रहती है, तो रेलवे को कोच बढ़ाने चाहिए। अन्य महिलाओं का कहना था कि पुरुषों से खचाखच भरे कोच में महिलाएं असहज महसूस करती हैं। सूचना पर पहुंचे रेलवे पुलिस कर्मियों ने पुरुष यात्रियों को महिला कोच से उतारा।
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- ट्रेन के गार्ड अथवा सीधे महिलाओं द्वारा अगर इस तरह की कोई शिकायत मिलती है, तो रेलवे पुलिस की मदद से महिला कोच को खाली करा लिया जाता है। महिला आरक्षण पट्टिका के लिए संपर्क किया जाएगा। -मनोज रावत, एसएस कोटद्वार
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