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Kotdwar News: चेक बाउंस के दोषी कर्जदार कार्मिक की याचिका खारिज
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पौड़ी। चेक बाउंस के दोषी कर्जदार कार्मिक की याचिका खारिज हो गई है। सत्र न्यायाधीश पौड़ी की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। अदालत ने न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी की अदालत की ओर से फरवरी 2024 में दिए गए फैसले को न्याय संगत बताया है। वर्ष 2022 में पौड़ी के श्रीनगर रोड निवासी एक व्यक्ति ने लोनिवि लैंसडौन के एक कार्मिक को कर्ज के रूप में 4 लाख की धनराशि दी थी। कर्जदार द्वारा कर्ज की राशि नहीं लौटाए जाने पर अदालत में वाद दाखिल किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी की अदालत ने कर्जदार कार्मिक को चेक बाउंस का दोषी करार देते हुए तीन माह के साधारण कारावास की सजा व 4.10 लाख का अर्थदंड लगाया था।
जिला मुख्यालय पौड़ी के श्रीनगर रोड लोअर चोपड़ा निवासी पवन कुमार के लोनिवि लैंसडौन के एक कार्मिक को वर्ष 2022 में कर्ज के रूप में 4 लाख की धनराशि दी थी। कर्जदार द्वारा कई बार गुहार लगाए जाने के बाद भी कर्ज की धनराशि नहीं लौटाई। 23 अगस्त 2022 को कर्जदार ने दो चेक कर्ज की राशि लौटाने के नाम पर दिए थे। जिन्हें 24 अगस्त 2022 को बैंक खाते में लगाए। लेकिन वह बाउंस हो गया। इसके बाद पवन कुमार ने छह सितंबर 2022 को कर्जदार को कानूनी नोटिस भेजा। लेकिन उसके बावजूद कर्जदार ने धनराशि नहीं लौटाई। तब 10 अक्तूबर 2022 को पवन कुमार ने न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी की अदालत में वाद दाखिल किया था। अदालत ने 2 फरवरी 2024 को कर्जदार कार्मिक को चेक बाउंस का दोषी करार देते हुए तीन माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही 4 लाख 10 हजार का अर्थदंड लगाया था। जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर दोषी को 1 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी थी। अदालत के इस फैसले को कर्जदार ने सत्र न्यायाधीश पौड़ी की अदालत में चुनौती दी थी। लोक अभियोजन अधिकारी प्रदीप कुमार भट्ट ने बताया कि सत्र न्यायाधीश पौड़ी अजय चौधरी की अदालत ने न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी की अदालत के फैसले को न्याय संगत बताते हुए चेक बाउंस के दोषी कर्जदार कार्मिक प्रवेंद्र रावत उर्फ प्रमेंद्र रावत की याचिका को खारिज कर दिया है।
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जिला मुख्यालय पौड़ी के श्रीनगर रोड लोअर चोपड़ा निवासी पवन कुमार के लोनिवि लैंसडौन के एक कार्मिक को वर्ष 2022 में कर्ज के रूप में 4 लाख की धनराशि दी थी। कर्जदार द्वारा कई बार गुहार लगाए जाने के बाद भी कर्ज की धनराशि नहीं लौटाई। 23 अगस्त 2022 को कर्जदार ने दो चेक कर्ज की राशि लौटाने के नाम पर दिए थे। जिन्हें 24 अगस्त 2022 को बैंक खाते में लगाए। लेकिन वह बाउंस हो गया। इसके बाद पवन कुमार ने छह सितंबर 2022 को कर्जदार को कानूनी नोटिस भेजा। लेकिन उसके बावजूद कर्जदार ने धनराशि नहीं लौटाई। तब 10 अक्तूबर 2022 को पवन कुमार ने न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी की अदालत में वाद दाखिल किया था। अदालत ने 2 फरवरी 2024 को कर्जदार कार्मिक को चेक बाउंस का दोषी करार देते हुए तीन माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही 4 लाख 10 हजार का अर्थदंड लगाया था। जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर दोषी को 1 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी थी। अदालत के इस फैसले को कर्जदार ने सत्र न्यायाधीश पौड़ी की अदालत में चुनौती दी थी। लोक अभियोजन अधिकारी प्रदीप कुमार भट्ट ने बताया कि सत्र न्यायाधीश पौड़ी अजय चौधरी की अदालत ने न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी की अदालत के फैसले को न्याय संगत बताते हुए चेक बाउंस के दोषी कर्जदार कार्मिक प्रवेंद्र रावत उर्फ प्रमेंद्र रावत की याचिका को खारिज कर दिया है।
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