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मुल्क में अमन, चैन के लिए उठे हजारों हाथ
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार/कालागढ़
Updated Fri, 24 Jun 2016 10:51 PM IST
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पवित्र रमजान के महीने के तीसरे जुमे को मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाजियों ने नमाज अदा की। इस मौके पर मुल्क में अमन, चैन की दुआएं मांगी गई। जामा मस्जिद कोटद्वार के इमाम मौलाना बदरुल इस्लाम अंसारी ने कहा कि रमजान जरूरतमंदों की मदद और बुराइयों से तौबा करने का संदेश देता है।
कालागढ़ में कालागढ़ बाजार, केन्द्रीय कालोनी की संजय नगर व हाईडिल कालोनी की मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजियों ने नमाज अदा की। हाईडिल कालोनी की मस्जिद के इमाम मोहम्मद रफ़ी ने रमजान के आखिरी अशरे को इबादत के लिए ख़ास बताया। साथ ही कहा कि मां-बाप की बेफरमानी करना एक बड़ा गुनाह है। कहा कि रमजान का तीसरा अशरा जिसमें मात्र दस रोजे रह जाते हैं वह इबादत के लिए खास है। इसमें शबेकदर की रात की इबादत ख़ास है।
नगर के आमपड़ाव, लकड़ीपडाव क्षेत्र के अलावा आसपास के पौखाल, रामड़ी बल्ली, रामा गांव आदि जगहों से बड़ी संख्या में रोजेदार नमाज अदा करने जामा मस्जिद पहुंचे। स्टेडियम कालोनी, कौड़िया समेत सभी मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की।
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कालागढ़ में कालागढ़ बाजार, केन्द्रीय कालोनी की संजय नगर व हाईडिल कालोनी की मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजियों ने नमाज अदा की। हाईडिल कालोनी की मस्जिद के इमाम मोहम्मद रफ़ी ने रमजान के आखिरी अशरे को इबादत के लिए ख़ास बताया। साथ ही कहा कि मां-बाप की बेफरमानी करना एक बड़ा गुनाह है। कहा कि रमजान का तीसरा अशरा जिसमें मात्र दस रोजे रह जाते हैं वह इबादत के लिए खास है। इसमें शबेकदर की रात की इबादत ख़ास है।
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नगर के आमपड़ाव, लकड़ीपडाव क्षेत्र के अलावा आसपास के पौखाल, रामड़ी बल्ली, रामा गांव आदि जगहों से बड़ी संख्या में रोजेदार नमाज अदा करने जामा मस्जिद पहुंचे। स्टेडियम कालोनी, कौड़िया समेत सभी मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की।
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