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Kotdwar News: रोडवेज डिपो के दस करोड़ी भवन में कौड़ियों की यात्री सुविधाएं

Wed, 21 Oct 2026 06:47 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Wed, 21 Oct 2026 06:47 PM IST
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Passenger amenities at the Rs 10-crore Roadways depot building are next to nothing.
कोटद्वार। रोडवेज डिपो परिसर के नवनिर्मित आलीशान भवन में अब तक यात्रियों के बैठने का प्रबंध नहीं किया गया है। बसों की प्रतीक्षा करने वाले यात्री फर्श पर बैठने के लिए मजबूर हैं। या फिर उन्हें खड़े-खड़े वक्त गुजारना पड़ रहा है।
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करीब 10 करोड़ रुपये के बजट से हाल ही में रोडवेज डिपो का नया भवन बनकर तैयार हुआ है। हालांकि अभी भवन परिवहन निगम को हस्तांतरित नहीं किया गया है, लेकिन पुराने भवन को हटाने की विवशता के चलते डिपो के कार्यालयों का नए भवन में संचालन शुरू कर दिया गया। रोडवेज डिपो में आने वाले यात्रियों की सुविधा पर परिवहन निगम ने ध्यान नहीं दिया। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
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कोटद्वार में मध्यरात्रि 2:30 बजे से तड़के 4:00 बजे के बीच पर्वतीय क्षेत्रों पौड़ी, त्रिपालीसैंण और स्यूंसी के लिए बसों का संचालन होता है। इसके बाद तड़के 4:00 बजे से दिल्ली की पहली बस रवाना होती हैं। ये बसें रात्रि में ही डिपो परिसर में ही खड़ी की जाती हैं। इसके बाद संचालित होने वाली बसें एक-एक कर कार्यशाला से डिपो पहुंचती हैं। बसों में तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से विलंब से पहुंचने पर यात्रियों को डिपो परिसर में दो मिनट आराम से बैठने का अवसर भी नहीं मिल पा रहा है।
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दरअसल डिपो परिसर में यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सियां नहीं लगाई गई हैं और न ही पानी का उचित प्रबंध है। बस से उतारी गई एक सीट पर अक्सर डिपो कर्मचारी ही जमे दिखाई देते हैं। यात्रियों विवेक राणा, अब्दुल मन्नान, जयमाला, सुरजी देवी, सोमनाथ का कहना था कि यात्रियों के बैठने का कोई प्रबंध नहीं है, और बसों की समय सारिणी एवं स्टॉपेज के प्रति भी डिपो प्रशासन गंभीर नहीं है।


- रोडवेज डिपो परिसर में लिफ्ट और बाहर खाली स्थान पर कुछ काम शेष है। भवन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। बांड में फर्नीचर का बजट शामिल नहीं था। इसके लिए रिवाइज स्टीमेट बनाया जा रहा है। -विपुल पोखरियाल, अवर अभियंता, मंडी परिषद उत्तराखंड।
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