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तेज बारिश के बाद उफनाया पनियाली गदेरा, लोगों की अटकी सांसें
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पर्वतीय क्षेत्रों में बुधवार सुबह से हो रही तेज बारिश से कोटद्वार शहर के बीच से बहने वाला पनियाली गदेरा उफान पर रहा, जिसके कारण बाढ़ के खतरे को लेकर तटवर्ती क्षेत्र के लोग दहशत में रहे और उन्होंने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया। वहीं, कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर कोटद्वार-दुगड्डा के बीच पहाड़ी से मलबा आने से करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। मार्ग खुलने के बाद ही लोग गंतव्य के लिए रवाना हुए।
बुुधवार सुबह से ही पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बारिश से पनियाली गदेरा उफान पर आ गया। गदेरे में आए उफान से शिवपुर, जौनपुर, आमपड़ाव, मानपुर, सिताबपुर, काशीरामपुर और कौड़िया के लोग दहशत में रहे। पिछले चार वर्षों से लगातार आ रही आपदा से डरे हुए गदेरे से सटे घरों के लोगों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया। करीब दो घंटे के बाद गदेरे के उफान में कमी आई, तब जाकर लोगों ने चैन की सांस ली। कोटद्वार में हुई बारिश से देवी रोड समेत अधिकतर सड़कों पर जलभराव रहा, जिसके कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
उधर, दोपहर बाद आई तेज बारिश के कारण कोटद्वार-दुगड्डा के बीच पांचवें मील पर अचानक पहाड़ी से मलबा आ गया। मलबा आने से मार्ग बंद हो गया, जिसके कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद लोनिवि एनएच खंड की जेसीबी ने मलबा हटाया, तब जाकर यातायात सुचारु हुआ। लोनिवि एनएच के अवर अभियंता अरविंद जोशी ने बताया कि हाईवे पर आए मलबे को हटाकर यातायात को खोल दिया गया है।
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सिडकुल का नाला चोक होने से फैली गंदगी
बुधवार को हुई बारिश के बाद भाबर के जशोधरपुर स्थित सिडकुल का नाला चोक हो गया। इससे चारों तरफ गंदगी फैल गई। राहगीरों और आसपास के घरों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने सिडकुल प्रशासन से शीघ्र नाले की सफाई करवाने की मांग की।
राकेश ध्यानी, दारा सिंह, बृजमोहन रावत, अनूप भारद्वाज, सुम्मी डबराल, नागेंद्र ध्यानी, कीर्तन सिंह का कहना है कि जशोधरपुर औद्योगिक आस्थान से हल्दूखाता तक सिडकुल की ओर से बरसाती पानी की निकासी के लिए करीब दो करोड़ की लागत से एक भूमिगत नाला बनाया गया था। सिडकुल की लापरवाही के चलते इस नाले की कभी सफाई नहीं करवाई गई। जशोधरपुर औद्योगिक आस्थान स्थित फैक्टरियों के श्रमिकों, होटल और ढाबे संचालकों की ओर से नाले में कूड़ा, कचरा और गंदगी डाली जाती है, जिस कारण नाला चोक हो गया है। उन्होंने शीघ्र समस्या का समाधान न होने पर सिडकुल के अधिकारियों का घेराव कर प्रदर्शन की चेतावनी दी। सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक सन्नी चौहान का कहना है कि जेई और संबंधित ठेकेदार को मौके पर भेजकर निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र नाले की सफाई करवाई जाएगी। संवाद
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बुुधवार सुबह से ही पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बारिश से पनियाली गदेरा उफान पर आ गया। गदेरे में आए उफान से शिवपुर, जौनपुर, आमपड़ाव, मानपुर, सिताबपुर, काशीरामपुर और कौड़िया के लोग दहशत में रहे। पिछले चार वर्षों से लगातार आ रही आपदा से डरे हुए गदेरे से सटे घरों के लोगों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया। करीब दो घंटे के बाद गदेरे के उफान में कमी आई, तब जाकर लोगों ने चैन की सांस ली। कोटद्वार में हुई बारिश से देवी रोड समेत अधिकतर सड़कों पर जलभराव रहा, जिसके कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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उधर, दोपहर बाद आई तेज बारिश के कारण कोटद्वार-दुगड्डा के बीच पांचवें मील पर अचानक पहाड़ी से मलबा आ गया। मलबा आने से मार्ग बंद हो गया, जिसके कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद लोनिवि एनएच खंड की जेसीबी ने मलबा हटाया, तब जाकर यातायात सुचारु हुआ। लोनिवि एनएच के अवर अभियंता अरविंद जोशी ने बताया कि हाईवे पर आए मलबे को हटाकर यातायात को खोल दिया गया है।
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सिडकुल का नाला चोक होने से फैली गंदगी
बुधवार को हुई बारिश के बाद भाबर के जशोधरपुर स्थित सिडकुल का नाला चोक हो गया। इससे चारों तरफ गंदगी फैल गई। राहगीरों और आसपास के घरों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने सिडकुल प्रशासन से शीघ्र नाले की सफाई करवाने की मांग की।
राकेश ध्यानी, दारा सिंह, बृजमोहन रावत, अनूप भारद्वाज, सुम्मी डबराल, नागेंद्र ध्यानी, कीर्तन सिंह का कहना है कि जशोधरपुर औद्योगिक आस्थान से हल्दूखाता तक सिडकुल की ओर से बरसाती पानी की निकासी के लिए करीब दो करोड़ की लागत से एक भूमिगत नाला बनाया गया था। सिडकुल की लापरवाही के चलते इस नाले की कभी सफाई नहीं करवाई गई। जशोधरपुर औद्योगिक आस्थान स्थित फैक्टरियों के श्रमिकों, होटल और ढाबे संचालकों की ओर से नाले में कूड़ा, कचरा और गंदगी डाली जाती है, जिस कारण नाला चोक हो गया है। उन्होंने शीघ्र समस्या का समाधान न होने पर सिडकुल के अधिकारियों का घेराव कर प्रदर्शन की चेतावनी दी। सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक सन्नी चौहान का कहना है कि जेई और संबंधित ठेकेदार को मौके पर भेजकर निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र नाले की सफाई करवाई जाएगी। संवाद