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कोट के गांवों में गुलदार की दहशत
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द्वारीखाल की बिचला ढांगू पट्टी के अंतर्गत बागी गांव निवासी युवक की गुलदार के हमले में मौत के बाद से कोट ब्लाक के गांवों तक गुलदार की दहशत बनी हुई है। गुलदार नौगांव में लगाए गए पिंजरे में तो नहीं फंसा, लेकिन ग्रामीणों को वह पैदल मार्ग पर दिख रहा है। द्वारीखाल और कोट ब्लाक के जनप्रतिनिधियों ने सरकार से गुलदार को मारने के लिए शिकारी तैनात करने की मांग की है।
किनसुर के प्रधान दीपचंद शाह ने बताया कि किनसुर, बागी, तैड़ी, पोगठा और मैठाणा राजस्व गांवों की ग्राम पंचायत किनसुर पड़ती है। यहां से हर रोज लोग बागी होते हुए नयार नदी पारकर व्यासघाट बाजार पहुंचते हैं। पूरा क्षेत्र जंगल का है, जिसमें गुलदार की सक्रियता बनी हुई है। लोगों को अकेले आवाजाही करते हुए डर लग रहा है। इस ओर बागी और दूसरी ओर नौगांव क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है। दिन ढलते ही लोग बच्चों को घरों में कैद करने को मजबूर हैं।
नौगांव (कोट) की प्रधान अनीता देवी और संजय बिष्ट का कहना है कि नौगांव क्षेत्र में गुलदार की दहशत के कारण लोग खेती किसानी के लिए भी नहीं जा पा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की ओर गुलदार का मारने के लिए शिकारी दल की तैनाती करने की मांग की गई है। उधर, गढ़वाल के डीएफओ मुकेश कुमार का कहना है कि गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है। उम्मीद है कि गुलदार पिंजरे में कैद हो जाएगा।
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किनसुर के प्रधान दीपचंद शाह ने बताया कि किनसुर, बागी, तैड़ी, पोगठा और मैठाणा राजस्व गांवों की ग्राम पंचायत किनसुर पड़ती है। यहां से हर रोज लोग बागी होते हुए नयार नदी पारकर व्यासघाट बाजार पहुंचते हैं। पूरा क्षेत्र जंगल का है, जिसमें गुलदार की सक्रियता बनी हुई है। लोगों को अकेले आवाजाही करते हुए डर लग रहा है। इस ओर बागी और दूसरी ओर नौगांव क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है। दिन ढलते ही लोग बच्चों को घरों में कैद करने को मजबूर हैं।
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नौगांव (कोट) की प्रधान अनीता देवी और संजय बिष्ट का कहना है कि नौगांव क्षेत्र में गुलदार की दहशत के कारण लोग खेती किसानी के लिए भी नहीं जा पा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की ओर गुलदार का मारने के लिए शिकारी दल की तैनाती करने की मांग की गई है। उधर, गढ़वाल के डीएफओ मुकेश कुमार का कहना है कि गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है। उम्मीद है कि गुलदार पिंजरे में कैद हो जाएगा।
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