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एक साथ जली सात चिताएं, सीएम पहुंचे श्मशान घाट
ब्यूरो/अमर उजाला, पौड़ी।
Updated Sun, 21 Aug 2016 10:27 PM IST
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पौड़ी जिले के पाबौ ब्लाक स्थित शमशान घाट पर जल रही चिताएं।
- फोटो : Amar Ujala
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जिले के पाबौ ब्लाक के मरखोला गांव में शनिवार शाम बादल फटने से एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत से पूरा क्षेत्र गहरे शोक में डूबा है। रविवार को पाबौ स्थित नयार नदी के किनारे कोटेश्वर घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। सात चिताएं एक साथ जलने से माहौल गमगीन हो गया। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने घाट पहुंचकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
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पीड़ित चंदन सिंह, उसकी बेटी और बेटे को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने प्रति मृतक चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सात लोगों की जान गई है, परिवार को 28 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। मकान निर्माण के लिए अलग से चार लाख रुपये देने की भी सीएम ने घोषणा की। मकान बनने तक पीड़ितों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए।
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मुख्यमंत्री ने परिवार के एकमात्र बालिग सदस्य चंदन सिंह को संविदा के आधार पर यूपीसीएल में रोजगार उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश फोन से प्रबंधक निदेशक यूपीसीएल को दिए। इस वक्त चंदन सिंह विद्युत विभाग में ठेकेदार के साथ मजदूरी करता है। इसकी जानकारी होने पर सीएम ने चंदन सिंह को एक माह का वेतन बिना काम किए देने के भी निर्देश दिए, ताकि वह अपने बचे हुए परिवार की समुचित देेखभाल कर सके। अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचने से पूर्व मुख्यमंत्री ने घटनास्थल मरखोला का हवाई निरीक्षण किया।
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मलबे से दो और शव भी बरामद
पौड़ी। मरखोला गांव में बादल फटने से जमींदोज हुए दो और शव रविवार सुबह प्रशासन की टीम ने बरामद कर लिए। अब सातों शव बरामद हो चुके हैं। बता दें कि गांव में बादल फटने से दोमंजिला मकान में निवास करने वाले एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें पांच महिलाएं समेत दो पुरुष थे।
जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से शनिवार देर रात्रि से ही राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती कुमार, अपर जिलाधिकारी रामजीशरण शर्मा, उपजिलाधिकारी पीएल शाह, तहसीलदार आशीष घिल्डियाल, सीओ धन सिंह तोमर समेत प्रशासन एवं पुलिस के दर्जनों जवान मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने रात में ही पांच शव मलबे से निकाल लिए थे।
श्रद्धांजली देने पहुंचे घाट
संसदीय सचिव गणेश विधायक गणेश गोदियाल, विधायक चौबट्टाखाल तीरथ सिंह रावत, युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष राजपाल बिष्ट, ब्लाक प्रमुख गेंदालाल टम्टा, नगर पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम, पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद टम्टा, जिला पंचायत सदस्य डीएन शाह समेत कई जनप्रतिनिधियों ने अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचकर दिवंगतों को श्रद्धांजली अर्पित की।
जांबाज एसएसपी हिम्मत नहीं हारीं
पौड़ी। मरखोला गांव में बादल फटने की घटना की सूचना पाकर प्रशासन और पुलिस टीम घटनास्थल के लिए शनिवार देर शाम करीब छह बजे निकली। पाबौ-चंपेश्वर मोटर मार्ग पर एक बार पेड़ सड़क पर आ गया। इसे जेसीबी की मदद से हटाया गय। इसी मार्ग पर आगे चलकर बोल्डर आ गए, इन्हें भी हटाया गया। इसके बाद आगे सड़क पर दो बार मलबा आ गया था। फिर भी एसएसपी निवेदिता कुकरेती कुमार ने हिम्मत नहीं हारी। बाधाओं को पार कर देर रात पौने बारह बजे के करीब एसएसपी मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू की कमान अपने हाथ में ले ली।
चना-गुड़ खाकर गुजारी रात
पौड़ी। मरखोला गांव में रेस्क्यू को गई पुलिस टीम ने रातभर सर्च आपरेशन चलाया। स्थानीय ग्रामीणों ने पांच शव रात में ही निकाल लिए थे। रेस्क्यू में लगी पुलिस को रातभर सफलता नहीं मिली। रविवार सुबह करीब छह बजे पुलिस को दो शव बरामद हुए। मरखोला गांव के दूसरे छोर में घटनास्थल था। मुख्य आबादी से घटनास्थल करीब चार किलोमीटर दूर था। घटनास्थल के आसपास भोजन और पानी की व्यवस्था नहीं थी। पुलिस जवानों ने गुड़-चना खाकर काम चलाया।
मृतकों के नाम
अभिषेक (6), मीनाक्षी (9), सुनीता (32), सोनिया (15), रोहित (17), कुसुम देवी (38), सैणी देवी (65) ।
परिवार में हैं
दीपक सिंह (75), शुभम (13), दीप सिंह (75), मानसी (8), चंदन सिंह (45) जीवित हैं।