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Kotdwar News: शहीदों को श्रद्धांजलि दी, कोर के शौर्य और पराक्रम को किया याद
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कोटद्वार। रक्षा सुरक्षा कोर (डीएससी) समिति से जुड़े पूर्व सैनिकों ने कोर का 78वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। इस मौके पर कोर के शहीदों को श्रद्धांजलि दी और कोर के शौर्य और पराक्रम को याद किया गया।
देवी रोड स्थित एक रिजॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन संगठन के अध्यक्ष दिनेश सिंह ने शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने संवेदनशील रक्षा एवं नागरिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए उनके अनवरत प्रयासों के लिए सभी जवानों एवं अधिकारियों की सराहना की और उन्हें बधाई दी।
उन्होंने कोर के शहीदों द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदानों को याद भी किया। संगठन के संयोजक बलवीर सिंह ने कोर के स्वर्णिम इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि रक्षा सुरक्षा कोर की स्थापना 25 फरवरी, 1947 को रक्षा विभाग में सिपाहियों के दल के रूप में की गई थी। डीएससी का सैन्य दस्ता 1947 से ही देश के प्रत्येक क्षेत्र में विभिन्न संवेदनशील रक्षा एवं नागरिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करता रहा है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से आह्वान किया कि सेवानिवृति के बाद हमें संगठित होना होगा और समाज के निर्माण के लिए आगे आना होगा।
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इस अवसर पर बलवीर सिंह नेगी, महेंद्रपाल, सुधीर बलूनी, शशि मोहन जखमोला, रतन सिंह, भारत सिंह पायल और कमलेश्वर प्रसाद आदि मौजूद रहे।
देवी रोड स्थित एक रिजॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन संगठन के अध्यक्ष दिनेश सिंह ने शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने संवेदनशील रक्षा एवं नागरिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए उनके अनवरत प्रयासों के लिए सभी जवानों एवं अधिकारियों की सराहना की और उन्हें बधाई दी।
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उन्होंने कोर के शहीदों द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदानों को याद भी किया। संगठन के संयोजक बलवीर सिंह ने कोर के स्वर्णिम इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि रक्षा सुरक्षा कोर की स्थापना 25 फरवरी, 1947 को रक्षा विभाग में सिपाहियों के दल के रूप में की गई थी। डीएससी का सैन्य दस्ता 1947 से ही देश के प्रत्येक क्षेत्र में विभिन्न संवेदनशील रक्षा एवं नागरिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करता रहा है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से आह्वान किया कि सेवानिवृति के बाद हमें संगठित होना होगा और समाज के निर्माण के लिए आगे आना होगा।
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इस अवसर पर बलवीर सिंह नेगी, महेंद्रपाल, सुधीर बलूनी, शशि मोहन जखमोला, रतन सिंह, भारत सिंह पायल और कमलेश्वर प्रसाद आदि मौजूद रहे।