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Kotdwar News: लगातार दूसरे दिन ओपीडी 700 पार, इलाज में वक्त लगने से मरीज परेशान
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कोटद्वार। होली अवकाश के बाद अस्पताल खुलने के लगातार दूसरे दिन मंगलवार को अस्पताल में मरीजों की काफी भीड़ रही। अस्पताल में अभी तक भी फिजिशियन का प्रबंध नहीं होने से मरीजों को कष्ट झेलना पड़ रहा है। वहीं, उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बाद भी मेडिकल अफसरों के अस्पताल नहीं पहुंचने से अस्पताल प्रशासन को चिकित्सकों की कमी से जूझना पड़ रहा है।
होली के बाद शनिवार और रविवार को भी अस्पताल बंद रहा था। सोमवार को अस्पताल की ओपीडी 800 और मंगलवार की ओपीडी 700 से ज्यादा रही। पंजीकरण व बिलिंग काउंटर पर तो मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतार थी ही, दवा लेने वालों में भी मारामारी रही। अंकित, राजीव, मोमिना ने बताया कि सीमित चिकित्सक होने और भीड़ अधिक होने के कारण करीब दो घंटे के बाद भी वे चिकित्सक तक नहीं पहुंच सके हैं। डॉ. हरेंद्र सिंह, डॉ. अभिषेक जैन, डॉ. सतीश कुमार और डॉ. वीसी काला के चैंबर के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रही। इमरजेंसी वार्ड में भी लगातार मरीज पहुंचते रहे। मेडिकल अफसर की कमी के चलते मंगलवार सुबह की शिफ्ट में पैथोलॉजिस्ट डॉ. सुप्रिया घिल्डियाल को इमरजेंसी वार्ड में लगाया गया था।
मेडिकल अफसरों की कमी को कुछ हद तक कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बेस अस्पताल के लिए दो मेडिकल अफसरों की व्यवस्था जुटाई थी, लेकिन मंगलवार को भी चिकित्सकों ने ज्वाइनिंग नहीं ली। बेस अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव पाल ने बताया कि इस बाबत सीएमओ से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने दोनों चिकित्सकों को रिलीव कर बेस अस्पताल भेजने के प्रति आश्वस्त किया था।
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होली के बाद शनिवार और रविवार को भी अस्पताल बंद रहा था। सोमवार को अस्पताल की ओपीडी 800 और मंगलवार की ओपीडी 700 से ज्यादा रही। पंजीकरण व बिलिंग काउंटर पर तो मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतार थी ही, दवा लेने वालों में भी मारामारी रही। अंकित, राजीव, मोमिना ने बताया कि सीमित चिकित्सक होने और भीड़ अधिक होने के कारण करीब दो घंटे के बाद भी वे चिकित्सक तक नहीं पहुंच सके हैं। डॉ. हरेंद्र सिंह, डॉ. अभिषेक जैन, डॉ. सतीश कुमार और डॉ. वीसी काला के चैंबर के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रही। इमरजेंसी वार्ड में भी लगातार मरीज पहुंचते रहे। मेडिकल अफसर की कमी के चलते मंगलवार सुबह की शिफ्ट में पैथोलॉजिस्ट डॉ. सुप्रिया घिल्डियाल को इमरजेंसी वार्ड में लगाया गया था।
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मेडिकल अफसरों की कमी को कुछ हद तक कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बेस अस्पताल के लिए दो मेडिकल अफसरों की व्यवस्था जुटाई थी, लेकिन मंगलवार को भी चिकित्सकों ने ज्वाइनिंग नहीं ली। बेस अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव पाल ने बताया कि इस बाबत सीएमओ से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने दोनों चिकित्सकों को रिलीव कर बेस अस्पताल भेजने के प्रति आश्वस्त किया था।
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