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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   One worker made another victim of the tigress in Corbett

कार्बेट में एक और वन कर्मी बना बाघिन का शिकार

Sat, 09 Apr 2016 10:47 PM IST
अमर उजाला/कालागढ़/कोटद्वार।
अमर उजाला/कालागढ़/कोटद्वार। Updated Sat, 09 Apr 2016 10:47 PM IST
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कालागढ़/कोटद्वार। कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क में एक और वन कर्मी को बाघिन ने मौत के घाट उतार दिया। बाघिन उसका पैर खा गई। पुलिस ने वन कर्मी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जंगल में बाघिन की तलाश की जा रही है। रामगंगा नदी घाटी के इलाके में सक्रिय बाघिन का यह दूसरा शिकार है। गत 22 मार्च को कालागढ़ रेंज में कांदरू मंदिर के निकट बाघिन एक फायर वाचर कृष्णपाल को अपना शिकार बना चुकी है। दूसरी वारदात ने वन विभाग को अपने सुरक्षा कर्मियों को लेकर चिंता में डाल दिया है।

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अधिकारियों के अनुसार वाचर के पद पर तैनात चुकुम गांव निवासी हरीराम (45) कार्बेट पार्क की सर्पदूली रेंज में गश्त पर था। इन दिनों जंगल में आग लगी है। आग बुझाने के बाद जैसे ही वह नाश्ता करने के लिए आया, खिनानौली के पास कक्ष संख्या 14 के चौराहे के निकट उस पर बाघिन ने हमला कर दिया।  उसके साथ तीन अन्य वनकर्मी भी थे। वह भी उसे बचा न सके। बाघिन उसे गले से पकड़कर खींचती हुई जंगल में ले गई। फायरिंग कर वन कर्मियों ने किसी तरह से वाचर का अधखाया शव जंगल से निकाला। मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई। मौके पर उपनिदेशक डॉ. साकेत बड़ोला, पार्क वार्डन शिवराज चंद्र व अन्य अधीनस्थ अधिकारी मौके पर पहुंचे। कालागढ़ पुलिस के एसआई मोहन सिंह ने शव को कब्जे में लिया। उन्होंने बताया कि बाघिन ने बाईं टांग को कूल्हे से ही निकाल लिया और उसे लेकर जंगल में भाग गई। मृतक के गले, कमर पर पंजों के निशान हैं। कोटद्वार में शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। दूसरी वारदात से वन विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। जंगल में बाघिन की तलाश की जा रही है।
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सर्पदूूली रेंज में पर्यटकों को भी खतरा
कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के सर्पदूली रेंज में शनिवार को जहां फायर वाचर को बाघिन ने अपना शिकार बनाया है, वहां पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। कालागढ़ रेंज से सटी सर्पदूली रेंज में बाघिन के सक्रिय हो जाने से पर्यटकों को भी खतरे की आशंका बन गई है। कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी का कहना है कि इस घटना को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है। गश्ती दलों को सशस्त्र गश्त करने को ही कहा गया है। सूत्रों की मानें तो इसी बाघिन ने गत वर्ष हेड़िया बस्ती निवासी आनंदी और वन कर्मी राकेश को भी मौत के घाट उतारा था। उसके नरभक्षी होने से खतरा बढ़ गया है। कार्बेट टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से मिलती है। बढ़ापुर, साहूवाला व अफजलगढ़ के अंतर्गत आने वाले भिक्कावाला आदि दर्जनों गांव इस बाघिन के इलाके के दायरे में आ सकते है जिससे पूरे इलाके में दहशत बन गई है।

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