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अधिकारियों और कर्मचारियों ने काले फीते बांध किया प्रदर्शन
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पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के तहत सरकारी सेवा में नियुक्त अधिकारियों, शिक्षक कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
शुक्रवार को विभिन्न विभागों में सरकारी सेवा में कार्यरत अधिकारियों, शिक्षक कर्मचारियों ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर काला फीता बांधकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि एक अक्तूबर, 2005 के बाद नियुक्त सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के लाभ से वंचित कर नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) लागू कर दी गई। एनपीएस पूरी तरह से शेयर बाजार में निवेश पर आधारित है। इसके तहत 70 से 80 हजार रुपये वेतन पाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को महज 1500 से 1700 रुपये पेंशन मिल रही है। जीपीएफ की व्यवस्था खत्म होने से कर्मचारी अपनी पारिवारिक आवश्यकताओं को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ज्ञापन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अधिकारियों और शिक्षक कर्मचारियों ने कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की। इंटर कॉलेज दुधारखाल में प्रदर्शन करने वालों रूपेंद्र नेगी, सोमेश सिंह, अभिषेक बलोदी, संजीव कुमार, रश्मि कंडारी, मोनिका नेगी, संगीता बहुगुणा शामिल रहे। इस दौरान डॉ. महावीर बिष्ट, सचिन बौंठियाल, इंटर कालेज इंद्रापुरी में कैलाश थपलियाल, कुलदीप थपलियाल, सुकल सिंह, विनीता भट्ट, इंटर कालेज ढौंडखाल में विजय नौडियाल, मोहन भंडारी, मोहन चौहान, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मवाणधार में संदीप मैंदोला आदि मौजूद थे।
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शुक्रवार को विभिन्न विभागों में सरकारी सेवा में कार्यरत अधिकारियों, शिक्षक कर्मचारियों ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर काला फीता बांधकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि एक अक्तूबर, 2005 के बाद नियुक्त सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के लाभ से वंचित कर नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) लागू कर दी गई। एनपीएस पूरी तरह से शेयर बाजार में निवेश पर आधारित है। इसके तहत 70 से 80 हजार रुपये वेतन पाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को महज 1500 से 1700 रुपये पेंशन मिल रही है। जीपीएफ की व्यवस्था खत्म होने से कर्मचारी अपनी पारिवारिक आवश्यकताओं को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ज्ञापन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अधिकारियों और शिक्षक कर्मचारियों ने कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की। इंटर कॉलेज दुधारखाल में प्रदर्शन करने वालों रूपेंद्र नेगी, सोमेश सिंह, अभिषेक बलोदी, संजीव कुमार, रश्मि कंडारी, मोनिका नेगी, संगीता बहुगुणा शामिल रहे। इस दौरान डॉ. महावीर बिष्ट, सचिन बौंठियाल, इंटर कालेज इंद्रापुरी में कैलाश थपलियाल, कुलदीप थपलियाल, सुकल सिंह, विनीता भट्ट, इंटर कालेज ढौंडखाल में विजय नौडियाल, मोहन भंडारी, मोहन चौहान, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मवाणधार में संदीप मैंदोला आदि मौजूद थे।
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