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Kotdwar News: लोनिवि लैंसडौन, दुगड्डा और बैजरो की नौ सड़कें मलबा आने के कारण बाधित
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कोटद्वार। पर्वतीय क्षेत्र में भारी बारिश से पहाड़ी से मलबा आने का सिलसिला जारी है। मलबा आने से लोनिवि लैंसडौन, दुगड्डा और बैजरो की 9 सड़कें मंगलवार को भी बाधित रहीं। मार्ग बंद होने के कारण इन मार्गों से जुड़े गांवों के लोगों को मीलों पैदल आवाजाही कर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। लोनिवि की ओर से जेसीबी लगाकर बंद सड़कों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उधर, दो दिन से कोटद्वार-पौड़ी हाईवे खुला रहने से लोगों ने राहत की सांस ली। अलबत्ता, कई जगहों पर पहाड़ी से इक्का दुक्का पत्थरों के गिरने का सिलसिला जारी है।
प्रांतीय खंड लोनिवि लैंसडौन के अंतर्गत कुल्हाड़-राजखिल-बुरांशी मोटर मार्ग, पोखरी-गुडेथा मोटर मार्ग, धारीखाल तोक से कसाणा बिचला मोटर मार्ग पर मलबा आने के कारण आवाजाही बाधित रही। निर्माण खंड लोनिवि दुगड्डा के अंतर्गत लक्ष्मणझूला-दुगड्डा-धुमाकोट स्टेट हाईवे, हनुमंती-उफरैखाल-कांडाखाल मोटर मार्ग, गुनेड़ी-सिंधी मोटर मार्ग, निर्माण खंड लोनिवि बैजरो के अंतर्गत बीरोंखाल-नौलापुर-खेतू मोटर मार्ग, जोगीमढ़ी-सराईंखेत मोटर मार्ग, चौड़ा-मैखुली-देवराड़ी मोटर मार्ग पर मलबा आने के कारण आवाजाही प्रभावित रही। उधर, पीएमजीएस सिंचाई खंड कोटद्वार के अंतर्गत नौगांव-बुकंडी मोटर मार्ग, बल्ली-मथाणा मोटर मार्ग, खरीक मोटर मार्ग, बैजरो खंड की रिखाड़-धोबीघाट मोटर मार्ग, सतपुली खंड के अंतर्गत कांडई-खैरा से बरस्वार मोटर मार्ग पर मलबा आने के कारण आवाजाही बाधित रही।
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कोटद्वार पुलिंडा मार्ग पर खिसक रही चट्टान, डेंजर जोन बना
कोटद्वार-पौड़ी हाईवे के विकल्प के रुप में तैयार किए जा रहे कोटद्वार-पुलिंडा-रामणी-दुगड्डा मार्ग भी बदहाल स्थिति में है। इस मार्ग का उपयोग तब बढ़ जाता है जब कोटद्वार से दुगड्डा के बीच सड़क बाधित हो जाती है। घाड़ क्षेत्र के बल्ली ग्राम पंचायत के प्रधान बीरेंद्र सिंह नेगी समेत कई ग्राम प्रधानों का कहना है कि कोटद्वार पुलिंडा मार्ग पर 11वें किमी पर लगातार चट्टान गिरने से डेंजर जोन बन गया है, ऐसे में पीएमजीएसवाई को यहां पर पहाड़ी का ट्रीटमेंट करना चाहिए। धूराताल के प्रधान सरदार सिंह, ग्वीराला की प्रधान राखी रावत, चौंडली के प्रधान राखी रावत, मथाणा के प्रधान सुरेंद्र सिंह, कांडई की मंजू देवी ने कहा कि पुलिंडा के पास चट्टान खिसकने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां पर लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता सुधीर कुमार ममगाईं का कहना है कि बरसात का सीजन खत्म होने के बाद इसके लिए आगणन बनाकर भारत सरकार को भेजा जाएगा।
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प्रांतीय खंड लोनिवि लैंसडौन के अंतर्गत कुल्हाड़-राजखिल-बुरांशी मोटर मार्ग, पोखरी-गुडेथा मोटर मार्ग, धारीखाल तोक से कसाणा बिचला मोटर मार्ग पर मलबा आने के कारण आवाजाही बाधित रही। निर्माण खंड लोनिवि दुगड्डा के अंतर्गत लक्ष्मणझूला-दुगड्डा-धुमाकोट स्टेट हाईवे, हनुमंती-उफरैखाल-कांडाखाल मोटर मार्ग, गुनेड़ी-सिंधी मोटर मार्ग, निर्माण खंड लोनिवि बैजरो के अंतर्गत बीरोंखाल-नौलापुर-खेतू मोटर मार्ग, जोगीमढ़ी-सराईंखेत मोटर मार्ग, चौड़ा-मैखुली-देवराड़ी मोटर मार्ग पर मलबा आने के कारण आवाजाही प्रभावित रही। उधर, पीएमजीएस सिंचाई खंड कोटद्वार के अंतर्गत नौगांव-बुकंडी मोटर मार्ग, बल्ली-मथाणा मोटर मार्ग, खरीक मोटर मार्ग, बैजरो खंड की रिखाड़-धोबीघाट मोटर मार्ग, सतपुली खंड के अंतर्गत कांडई-खैरा से बरस्वार मोटर मार्ग पर मलबा आने के कारण आवाजाही बाधित रही।
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कोटद्वार पुलिंडा मार्ग पर खिसक रही चट्टान, डेंजर जोन बना
कोटद्वार-पौड़ी हाईवे के विकल्प के रुप में तैयार किए जा रहे कोटद्वार-पुलिंडा-रामणी-दुगड्डा मार्ग भी बदहाल स्थिति में है। इस मार्ग का उपयोग तब बढ़ जाता है जब कोटद्वार से दुगड्डा के बीच सड़क बाधित हो जाती है। घाड़ क्षेत्र के बल्ली ग्राम पंचायत के प्रधान बीरेंद्र सिंह नेगी समेत कई ग्राम प्रधानों का कहना है कि कोटद्वार पुलिंडा मार्ग पर 11वें किमी पर लगातार चट्टान गिरने से डेंजर जोन बन गया है, ऐसे में पीएमजीएसवाई को यहां पर पहाड़ी का ट्रीटमेंट करना चाहिए। धूराताल के प्रधान सरदार सिंह, ग्वीराला की प्रधान राखी रावत, चौंडली के प्रधान राखी रावत, मथाणा के प्रधान सुरेंद्र सिंह, कांडई की मंजू देवी ने कहा कि पुलिंडा के पास चट्टान खिसकने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां पर लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता सुधीर कुमार ममगाईं का कहना है कि बरसात का सीजन खत्म होने के बाद इसके लिए आगणन बनाकर भारत सरकार को भेजा जाएगा।
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