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नंदानगर आपदा : बेस अस्पताल में 12 घायलों का इलाज जारी

Fri, 19 Sep 2025 10:40 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 19 Sep 2025 10:40 PM IST
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Nandanagar disaster: 12 injured continue to be treated at Base Hospital

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श्रीनगर। चमोली के नंदानगर में आई भीषण आपदा में घायल हुए 12 घायलों का इलाज बेस अस्पताल श्रीकोट गंगानाली में चल रहा है। इनमें से 10 लोगों को बृहस्पतिवार को अस्पताल पहुंचाया गया था जबकि शुक्रवार को दो और घायलों को भर्ती किया गया।अस्पताल के सर्जरी और आर्थो वार्ड में भर्ती घायलों ने उस भयावह रात के बारे में बताया। रघुवीर सिंह और भीम सिंह ने बताया कि रात डेढ़ बजे अचानक आई आपदा ने सब कुछ उजाड़ दिया। भीम सिंह ने बताया कि उनका नाती भी इस आपदा में गंभीर रूप से घायल हुआ है और उसे एम्स में भर्ती कराया गया है। वह बस यही प्रार्थना कर रहे हैं कि उनका नाती जल्द ठीक हो जाएगा। सर्जरी महिला वार्ड में भर्ती संजीता देवी ने उस रात का मंजर बताते हुए कहा बादलों की गर्जना और बिजली की चमक ने पहले ही लोगों की नींद उड़ा दी थी। उसी दौरान आए सैलाब ने कई घरों को बरबाद कर दिया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश रावत ने बताया कि 12 घायलों को बेहतर इलाज दिया जा रहा है। शुक्रवार को मैखुली देवी (63) को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।




16 घंटे मलबे में दबे रहे कुंवर ने सुनाई आपबीती



16 घंटे से ज्यादा मलबे में दबे रहे कुंवर सिंह (42) को एयरलिफ्ट कर अस्पताल लाया गया। उनका पैर फ्रैक्चर हो गया है लेकिन हालत खतरे से बाहर है। कुंवर सिंह ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उन्हें जिंदा बचने की कोई उम्मीद नहीं थी। उनका पैर मलबे में दबा हुआ था और जिसे वह नहीं निकाल पा रहे थे। उन्होंने कहा रात डेढ़ बजे से अगले दिन दोपहर तक मैं रोता रहा और मदद के लिए आवाज लगाता रहा। जब लोगों ने उनकी आवाज सुनी तब बचाव कार्य शुरू हुआ। कुंवर सिंह ने बताया कि उनके ऊपर तीन लेंटर का मलबा गिरा हुआ था लेकिन एक दरवाजा छत को सहारा देने से उनका चेहरा मलबे में दबने से बच गया जिससे वे सांस ले सके। इस मंजर को याद कर वह आज भी सिहर उठते हैं। कुंवर सिंह को अभी भी अपने पत्नी और दो बच्चों की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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