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साक्ष्य के अभाव और गवाहों के पक्षद्रोही होने से हत्यारोपी दोषमुक्त
ब्यूरो/अमर उजाला,कोटद्वार।
Updated Mon, 19 Sep 2016 09:56 PM IST
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लैंसडौन तहसील के पटवारी सर्किल इडियाकोट के खंदुवारी गांव में दस अक्तूबर, 2015 को हुए नंदराम हत्याकांड के आरोपी को साक्ष्य के अभाव और सभी गवाहों के पक्षद्रोही घोषित हो जाने से दोषमुक्त कर दिया गया है। सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अमित सजवाण ने बताया कि दस अक्तूबर, 2015 को राजस्व पुलिस इडियाकोट में आनंदलाल की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जिसमें गांव के धीरू उर्फ बीरेंद्र कुमार पर वृद्ध नंदराम की हत्या का आरोप लगाया गया था।
राजस्व पुलिस ने इस मामले की विवेचना कर न्यायिक मजिस्ट्रेट लैंसडौन में आरोप पत्र दाखिल किया। मामला सत्र परीक्षणीय पाते हुए यह मामला 23 जनवरी, 2016 अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के सुपुर्द कर दिया गया। आरोपी ने उसके खिलाफ विरचित किए गए आरोपों से इनकार करते हुए सत्र परीक्षण की याचना की मांग की। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में नौ गवाहों को पेश किया गया। जिसमें सभी गवाह पक्षद्रोही घोषित कर दिए गए।
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न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष अभियुक्त के विरूद्ध ऐसा कोई ठोस प्रत्यक्ष या परिस्थितिजन्य साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससे आरोपी पर लगाए गए आरोप युक्तियुक्त संदेह से परे साबित होते हों। अदालत ने हत्यारोपी धीरू उर्फ बीरेंद्र कुमार को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करने के आदेश दिए। आरोपी पौड़ी जेल में न्यायिक अभिरक्षा में है। उसकी रिहाई का परवाना तैयारकर पौड़ी जेल भेज दिया गया है।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता अमित सजवाण ने बताया कि दस अक्तूबर, 2015 को राजस्व पुलिस इडियाकोट में आनंदलाल की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जिसमें गांव के धीरू उर्फ बीरेंद्र कुमार पर वृद्ध नंदराम की हत्या का आरोप लगाया गया था।
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राजस्व पुलिस ने इस मामले की विवेचना कर न्यायिक मजिस्ट्रेट लैंसडौन में आरोप पत्र दाखिल किया। मामला सत्र परीक्षणीय पाते हुए यह मामला 23 जनवरी, 2016 अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के सुपुर्द कर दिया गया। आरोपी ने उसके खिलाफ विरचित किए गए आरोपों से इनकार करते हुए सत्र परीक्षण की याचना की मांग की। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में नौ गवाहों को पेश किया गया। जिसमें सभी गवाह पक्षद्रोही घोषित कर दिए गए।
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न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष अभियुक्त के विरूद्ध ऐसा कोई ठोस प्रत्यक्ष या परिस्थितिजन्य साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससे आरोपी पर लगाए गए आरोप युक्तियुक्त संदेह से परे साबित होते हों। अदालत ने हत्यारोपी धीरू उर्फ बीरेंद्र कुमार को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करने के आदेश दिए। आरोपी पौड़ी जेल में न्यायिक अभिरक्षा में है। उसकी रिहाई का परवाना तैयारकर पौड़ी जेल भेज दिया गया है।