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Kotdwar News: मरीज को अस्पताल पहुंचाने के चक्कर में कई युवा नहीं कर पाए मतदान
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कोटद्वार। द्वारीखाल ब्लॉक के अंतर्गत दशमरी गांव के 80 परिवारों के लिए स्वीकृत चार किमी सड़क अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई है। सड़क के अभाव में शुक्रवार को मतदान के दौरान एक ग्रामीण को हार्टअटैक की शिकायत होने पर ग्रामीणों ने मरीज को दो किमी खड़ी चढ़ाई चढ़कर पहले मुख्य सड़क तक पहुंचाया और इसके बाद उन्हें पीएचसी चैलूसैंण पहुंचाया। इस कारण गांव के कई युवा मतदान तक नहीं कर पाए। ग्रामीणों का आरोप है कि वह लगातार गांव को सड़क से जोड़ने की मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दशमरी गांव निवासी राजेंद्र सिंह रावत, मुकेश सिंह, भरत सिंह, राजेंद्र सिंह, वीरा देवी, गुड्डी देवी आदि ने बताया कि ग्रामीण लंबे समय से गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग उठाते आ रहे हैं। लेकिन सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीण दो किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़कर बिसकोटी तोक स्थित मुख्य सड़क तक पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों, प्रसूताओं और बच्चों को हो रही है। बीमार लोगों को डंडी-कंडी के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाया जा रहा है। गांव में वर्तमान में 80 परिवारों की 400 आबादी निवास करती है। कहा कि शुक्रवार सुबह 8:00 बजे के करीब ग्रामीण जय सिंह (62) को हार्टअटैक की शिकायत होने पर उन्हें डंडी कंडी के सहारे पहले मुख्य सड़क तक और उसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चैलूसैंण पहुंचाया गया। इस कारण गांव के कई युवा मतदान भी नहीं कर पाए। कहा कि यदि सड़क होती तो उन्हें इस तरह परेशानी का सामना भी नहीं करना पड़ता। उन्होंने शासन-प्रशासन से सड़क का जल्द निर्माण कराने की मांग की है।
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शासन से दशमरी गांव के लिए स्वीकृत चार किमी सड़क के निर्माण के लिए द्वितीय चरण स्टेज फर्स्ट की निर्माण कार्यों की स्वीकृति मिल चुकी है। पेड़ों के कटाव के लिए लोनिवि और वन विभाग का संयुक्त निरीक्षण भी पूर्व में हो चुका है। पत्रावलियां गठित कर डीएफओ कार्यालय भेजी गई थी। लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली है। डीएफओ कार्यालय से अनुमति मिलने के बाद प्रस्ताव को ऑनलाइन किया जाएगा।
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- सुदेश बिंजोला, सहायक अभियंता, लोनिवि लैंसडौन
दशमरी गांव निवासी राजेंद्र सिंह रावत, मुकेश सिंह, भरत सिंह, राजेंद्र सिंह, वीरा देवी, गुड्डी देवी आदि ने बताया कि ग्रामीण लंबे समय से गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग उठाते आ रहे हैं। लेकिन सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीण दो किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़कर बिसकोटी तोक स्थित मुख्य सड़क तक पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों, प्रसूताओं और बच्चों को हो रही है। बीमार लोगों को डंडी-कंडी के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाया जा रहा है। गांव में वर्तमान में 80 परिवारों की 400 आबादी निवास करती है। कहा कि शुक्रवार सुबह 8:00 बजे के करीब ग्रामीण जय सिंह (62) को हार्टअटैक की शिकायत होने पर उन्हें डंडी कंडी के सहारे पहले मुख्य सड़क तक और उसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चैलूसैंण पहुंचाया गया। इस कारण गांव के कई युवा मतदान भी नहीं कर पाए। कहा कि यदि सड़क होती तो उन्हें इस तरह परेशानी का सामना भी नहीं करना पड़ता। उन्होंने शासन-प्रशासन से सड़क का जल्द निर्माण कराने की मांग की है।
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शासन से दशमरी गांव के लिए स्वीकृत चार किमी सड़क के निर्माण के लिए द्वितीय चरण स्टेज फर्स्ट की निर्माण कार्यों की स्वीकृति मिल चुकी है। पेड़ों के कटाव के लिए लोनिवि और वन विभाग का संयुक्त निरीक्षण भी पूर्व में हो चुका है। पत्रावलियां गठित कर डीएफओ कार्यालय भेजी गई थी। लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली है। डीएफओ कार्यालय से अनुमति मिलने के बाद प्रस्ताव को ऑनलाइन किया जाएगा।
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- सुदेश बिंजोला, सहायक अभियंता, लोनिवि लैंसडौन