{"_id":"58483e5f4f1c1be35944966b","slug":"kratm-cash-in-the-bank-the-employees-raised-his-hand","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक में कैश ख्ात्म, कर्मचारियों ने हाथ खड़े किए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंक में कैश ख्ात्म, कर्मचारियों ने हाथ खड़े किए
ब्यूरो/अमर उजाला पौड़ी
Updated Wed, 07 Dec 2016 10:22 PM IST
विज्ञापन
करेंसी ख्ात्म
- फोटो : SELF
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडल मुख्यालय पौड़ी स्थित जिला सहकारी बैंक में हालात बहुत खराब हो गए हैं। पहले थोड़ी बहुत पैसे देकर काम चलाया जा रहा था लेकिन बुधवार को स्थिति डांवाडोल हो गई बैंक में कैश समाप्त होने से कर्मचारियों ने हाथ खड़े कर दिए।
एसबीआई की मेन ब्रांच में कैश की कमी के चलते यह स्थिति आ रही है। वेतन लेने पहुंचे राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मेहरबान सिंह भंडारी बैंक में कैश खत्म होने के कारण निराश लौटे।
भंडारी ने बताया कि कैश क्रेडिट लिमिट (केआरवाईसी) के चलते विभाग की ओर से यहां से वेतन जारी कराया गया था। जीआईसी कालेश्वर पौड़ी के शिक्षक मनोज ध्यानी और रुपेश कुमार, जीआईसी उज्याड़ी के धर्म सिंह, प्राथमिक पाठशाला बणगांव की शिक्षिका सुषमा नेगी, उच्च प्राथमिक विद्यालय बणगांव के शिक्षक विमल ममगाईं भी वेतन नहीं मिलने से परेशान रहे।
विज्ञापन
जिला सहकारी बैंक के मैनेजर अमित अंथवाल ने बताया कि एसबीआई उनकी कैश चेस्ट ब्रांच है। वहीं से उन्हें कैश मिलता है, जिसे वे ग्राहकों में वितरित करते हैं। कैश की कमी होने के कारण इस बार नवंबर माह का वेतन और पेंशन खाताधारकों को नहीं वितरित कर सके हैं।
पौड़ी स्थित जिला सहकारी बैंक में जो कैश एसबीआई से आता है उसे वे अपनी ब्रांचों में भी वितरित करते हैं। जिला सहकारी बैंक में पेंशन के लिए पहुंची बसंती देवी पैसे नहीं होने से निराश बैठी थीं। बोलीं शिक्षा विभाग की पेंशन मिलती है।
बैंक में कैश नहीं है इसलिए उन्हें पेंशन नहीं मिल पा रही है। सप्ताहभर से बैंक के चक्कर काट रही हैं। यही हाल कृषि विभाग से रिटायर बलवीर का था वे भी नवंबर माह की पेंशन के लिए बैंक में कई दिन से आ रहे हैं।
विज्ञापन
एसबीआई की मेन ब्रांच में कैश की कमी के चलते यह स्थिति आ रही है। वेतन लेने पहुंचे राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मेहरबान सिंह भंडारी बैंक में कैश खत्म होने के कारण निराश लौटे।
विज्ञापन
भंडारी ने बताया कि कैश क्रेडिट लिमिट (केआरवाईसी) के चलते विभाग की ओर से यहां से वेतन जारी कराया गया था। जीआईसी कालेश्वर पौड़ी के शिक्षक मनोज ध्यानी और रुपेश कुमार, जीआईसी उज्याड़ी के धर्म सिंह, प्राथमिक पाठशाला बणगांव की शिक्षिका सुषमा नेगी, उच्च प्राथमिक विद्यालय बणगांव के शिक्षक विमल ममगाईं भी वेतन नहीं मिलने से परेशान रहे।
विज्ञापन
जिला सहकारी बैंक के मैनेजर अमित अंथवाल ने बताया कि एसबीआई उनकी कैश चेस्ट ब्रांच है। वहीं से उन्हें कैश मिलता है, जिसे वे ग्राहकों में वितरित करते हैं। कैश की कमी होने के कारण इस बार नवंबर माह का वेतन और पेंशन खाताधारकों को नहीं वितरित कर सके हैं।
पौड़ी स्थित जिला सहकारी बैंक में जो कैश एसबीआई से आता है उसे वे अपनी ब्रांचों में भी वितरित करते हैं। जिला सहकारी बैंक में पेंशन के लिए पहुंची बसंती देवी पैसे नहीं होने से निराश बैठी थीं। बोलीं शिक्षा विभाग की पेंशन मिलती है।
बैंक में कैश नहीं है इसलिए उन्हें पेंशन नहीं मिल पा रही है। सप्ताहभर से बैंक के चक्कर काट रही हैं। यही हाल कृषि विभाग से रिटायर बलवीर का था वे भी नवंबर माह की पेंशन के लिए बैंक में कई दिन से आ रहे हैं।