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Kotdwar News: कार्यशाला में छात्रों को दी समान नागरिक संहिता की जानकारी
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कोटद्वार। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की ओर से उत्तराखंड राज्य में लागू समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं को यूसीसी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यशाला में आईक्यूएसी कॉर्डिनेटर और मुख्य वक्ता डॉ. प्रवीन जोशी ने पीपीटी के माध्यम से यूसीसी 2024 के तहत विवाह रजिस्ट्रेशन, तलाक़, लिव इन रिलेशनशिप, बाल विवाह, वसीयत एवं उत्तराधिकार आदि पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को यूसीसी पोर्टल पर विवाह रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया को विस्तार पूर्वक बताया। कहा कि 25 जनवरी, 2025 से पूरे प्रदेश में लागू इस कानून में पुरुषों के साथ ही महिलाओं को भी समानांतर अधिकार प्राप्त होंगें।
उन्होंने यूसीसी पर उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं के तहत पंजीकरणों की वस्तु स्थिति से भी अवगत करवाया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डीएस नेगी ने यूसीसी के कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से लागू यूसीसी जैसे कल्याणकारी कानून को अमल में लाने के लिए महाविद्यालय में ऐसे सभी कर्मचारी और प्राध्यापक जिनका विवाह 26 मार्च, 2010 के बाद हुआ है, उनके पंजीकरण की प्रक्रिया तेजी पर है। ऐसे कुल 37 में से 33 का पंजीकरण यूसीसी पोर्टल पर करवा लिया गया है। इस अवसर पर महाविद्यालय की आईक्यूएसी के समस्त सदस्य, सभी प्राध्यापक एवं शिक्षणेतर कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आईक्यूएसी की सदस्य डॉ. प्रियंका अग्रवाल ने किया।
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कार्यशाला में आईक्यूएसी कॉर्डिनेटर और मुख्य वक्ता डॉ. प्रवीन जोशी ने पीपीटी के माध्यम से यूसीसी 2024 के तहत विवाह रजिस्ट्रेशन, तलाक़, लिव इन रिलेशनशिप, बाल विवाह, वसीयत एवं उत्तराधिकार आदि पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को यूसीसी पोर्टल पर विवाह रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया को विस्तार पूर्वक बताया। कहा कि 25 जनवरी, 2025 से पूरे प्रदेश में लागू इस कानून में पुरुषों के साथ ही महिलाओं को भी समानांतर अधिकार प्राप्त होंगें।
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उन्होंने यूसीसी पर उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं के तहत पंजीकरणों की वस्तु स्थिति से भी अवगत करवाया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डीएस नेगी ने यूसीसी के कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से लागू यूसीसी जैसे कल्याणकारी कानून को अमल में लाने के लिए महाविद्यालय में ऐसे सभी कर्मचारी और प्राध्यापक जिनका विवाह 26 मार्च, 2010 के बाद हुआ है, उनके पंजीकरण की प्रक्रिया तेजी पर है। ऐसे कुल 37 में से 33 का पंजीकरण यूसीसी पोर्टल पर करवा लिया गया है। इस अवसर पर महाविद्यालय की आईक्यूएसी के समस्त सदस्य, सभी प्राध्यापक एवं शिक्षणेतर कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आईक्यूएसी की सदस्य डॉ. प्रियंका अग्रवाल ने किया।
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