जिला आपदा प्राधिकरण, पौड़ी और आस्था सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में भाबर क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड 40 हल्दूखाता में पांच दिवसीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला शुरू हो गई है। इस मौके पर महिला मंगल दल और युवक मंगल दल के कार्यकर्ताओं को आपदा के दौरान होने वाले राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तार से जानकारी दी गई।
सोमवार को वार्ड 40 हल्दूखाता में आयोजित आपदा प्रबंधन कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि मेयर हेमलता नेगी और विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने किया। अपने संबोधन में मेयर हेमलता नेगी ने कहा कि आपदा की दृष्टि से उत्तराखंड अति संवेदनशील है। कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से आपदा के दौरान जनमानस को होने वाले नुकसान को कम करने में मद्द मिलेगी। उन्होंने नगर निगम के सभी वार्डों में आपदा प्रबंधन कार्यशाला आयोजित करने पर जोर दिया। कहा कि यह कार्यक्रम नागरिकों को स्वयं के प्रति सचेत और तत्पर रहने में मद्दगार साबित होगा। विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि उत्तर भारत के सभी राज्य भूस्खलन, हिमपात और भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम जनमानस को जागरूक करने में कारगर साबित होंगे। उन्होंने बढ़ती दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रोड सेफ्टी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर भी जोर दिया। मास्टर ट्रेनर दीपक रावत और विमल सुयाल ने महिला मंगल दल और युवक मंगल दल के कार्यकर्ताओं को आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर अधिवक्ता कंचन नैथानी, अंजना रावत, रूपल, कल्पना, संगीता बिंजोला, यशोदा देवी, दिक्का देवी, भारती देवी, मनीष, आयुष, गौरव समेत 75 लोगों ने प्रतिभाग किया।