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गांव की बेटी वंदना ने किया आईएएस में प्रदेश टॉप
Updated Wed, 11 May 2016 09:39 PM IST
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अपनी मां मंजू पोखरियाल और छोटी बहन दीपमाला के साथ आईएएस टॉपर वंदना पोखरियाल।
- फोटो : Amar Ujala
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गांव की बेटी के आईएएस में चयन होने से बीरोंखाल के सिसई गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सैनिक चंद्रशशि पोखरियाल की बेटी वंदना ने उनके गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। ग्रामीणों ने वंदना की कामयाबी पर उसके माता-पिता को बधाई संदेश भेजा है।
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कहा कि वंदना की सफलता से उनके गांव के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं, अब वह कह सकेंगे कि उनके गांव की एक बेटी भी आईएएस है। सिसई के ग्राम प्रधान गुणानंद बताते हैं कि चंद्रशशि पोखरियाल का परिवार इन दिनों इंद्रापार्क दिल्ली में रहता है। गांव के उनके चचेरे भाई और परिजन रहते हैं।
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वंदना के आईएएस में चयन की खबर लगते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर छा गई। वंदना की चाची संतोष पोखरियाल बताती हैं कि उनका परिवार छुट्टी में गांव आता रहता है। उनकी बेटी के उत्तराखंड से आईएएस में प्रथम स्थान आने से गांव वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिजनों ने एक- दूसरे को मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
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बीरोंखाल की ब्लाक प्रमुख कविता पोखरियाल ने कहा कि वंदना ने न केवल बीरोंखाल बल्कि समूचे उतराखंड का मान बढ़ाया है। परिजनों का कहना है कि वंदना शुरू से ही आईएएस बनना चाहती थी, जिसके लिए उसने स्वयं के बूते कड़ी मेहनत की।
वंदना की मां मंजू पोखरियाल ने दिल्ली से फोन पर बताया कि उन्हें उत्तराखंड से बधाई संदेश मिले हैं। बताया कि उनकी बेटी का सपना साकार हुआ है। वह बताती हैं कि वंदना के पिता आर्मी में होने से उन्हें तीन से चार साल में अलग-अलग जगह पर पोस्टिंग पर जाना पड़ता था।
इस वजह से वंदना ने राजस्थान के बीकानेर, आसाम, सिकंदराबाद, भोपाल, रानीखेत में अपनी पढ़ाई पूरी की। वंदना दो बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी है। उससे छोटी दीपमाला और भाई विपिन पढ़ाई कर रहे हैं। मंजू पोखरियाल ने कहना कि उन्होंने कभी भी अपने बेटियों और बेटे में कोई फर्क नहीं सझता। वंदना ने अपना मुकाम हासिल किया है, उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है।