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सड़क के लिए किया हाईवे नौ घंटे जाम
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बीरोंखाल ब्लाक के अंतर्गत फरसाड़ी-गढ़कोट सड़क का डामरीकरण और छांछीरो से गुड़लखिल तक मोटर मार्ग का निर्माण नहीं होने से आक्रोशित ग्राम पंचायत गढ़कोट के ग्रामीणों ने करीब नौ घंटे राष्ट्रीय राजमार्ग 309 पर जाम लगाया। हालांकि बाद में डीएम के आश्वासन के बाद जाम खोला।
सोमवार को करीब 20 वर्षों से सड़क की मांग कर रहे ग्रामीणों सब्र का बांध टूट गया। सुबह चार बजे ग्रामीण काशीपुर-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर पौड़ी, कोटद्वार, रामनगर और गैरसैंण को जोड़ने वाले मुख्य पुल पर बैठ गए। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू किया, जिसके कारण पौड़ी, रामनगर, कोटद्वार, चौखाल को जोड़ने वाले मार्गों पर वाहन फंस गए। एनएच जाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार बीरोंखाल जयवीर राम बधाणी और थलीसैंण थानाध्यक्ष सतेंद्र भंडारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने और नारेबाजी तेज कर दी। तहसीलदार की ओर से पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के जनसंपर्क अधिकारी से वार्ता करने की बात करने के बाद भी लोगों ने उनसे बात करने से मना कर दिया। उन्होंने सड़क निर्माण शुरू होने तक एनएच को बंद करने पर अड़ गए।
इस अवसर पर गढ़कोट के प्रधान धर्मेंद्र प्रसाद ने कहा कि ग्रामीण पिछले 20 वर्षों से उनके गांव को जोड़ने वाली फरसाड़ी से गढ़कोट तीन किमी तक डामरीकरण और छांछीरो-गुड़लखिल मल्ला- सत्यानगर तक कुल तीन किमी सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। मौके पर पहुंचे ब्लाक प्रमुख राजेश कंडारी प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया।
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अधिकारियों ने डीएम विजय कुमार जोगदंडे से ग्रामीणों की वार्ता कराई। डीएम ने लोनिवि के अधिकारियों को दो दिन के अंदर सड़क के कार्यों का प्रस्ताव बनाकर भेजने के आदेश दिए। इसके बाद ग्रामीण माने और जाम खोल दिया। प्रदर्शनकारियों में गढ़कोट के उप प्रधान शिशुपाल सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य अंकित रावत, दीवा मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद रावत, पूर्व प्रधान सतेंद्र सिंह, सुनीता देवी सहित कई शामिल थे।
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सोमवार को करीब 20 वर्षों से सड़क की मांग कर रहे ग्रामीणों सब्र का बांध टूट गया। सुबह चार बजे ग्रामीण काशीपुर-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर पौड़ी, कोटद्वार, रामनगर और गैरसैंण को जोड़ने वाले मुख्य पुल पर बैठ गए। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू किया, जिसके कारण पौड़ी, रामनगर, कोटद्वार, चौखाल को जोड़ने वाले मार्गों पर वाहन फंस गए। एनएच जाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार बीरोंखाल जयवीर राम बधाणी और थलीसैंण थानाध्यक्ष सतेंद्र भंडारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने और नारेबाजी तेज कर दी। तहसीलदार की ओर से पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के जनसंपर्क अधिकारी से वार्ता करने की बात करने के बाद भी लोगों ने उनसे बात करने से मना कर दिया। उन्होंने सड़क निर्माण शुरू होने तक एनएच को बंद करने पर अड़ गए।
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इस अवसर पर गढ़कोट के प्रधान धर्मेंद्र प्रसाद ने कहा कि ग्रामीण पिछले 20 वर्षों से उनके गांव को जोड़ने वाली फरसाड़ी से गढ़कोट तीन किमी तक डामरीकरण और छांछीरो-गुड़लखिल मल्ला- सत्यानगर तक कुल तीन किमी सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। मौके पर पहुंचे ब्लाक प्रमुख राजेश कंडारी प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया।
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अधिकारियों ने डीएम विजय कुमार जोगदंडे से ग्रामीणों की वार्ता कराई। डीएम ने लोनिवि के अधिकारियों को दो दिन के अंदर सड़क के कार्यों का प्रस्ताव बनाकर भेजने के आदेश दिए। इसके बाद ग्रामीण माने और जाम खोल दिया। प्रदर्शनकारियों में गढ़कोट के उप प्रधान शिशुपाल सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य अंकित रावत, दीवा मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद रावत, पूर्व प्रधान सतेंद्र सिंह, सुनीता देवी सहित कई शामिल थे।