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नजर नहीं आया गुलदार, ट्रैप कैमरे की लोकेशन बदली
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दुगड्डा ब्लाक के अंतर्गत सरूड़ा गांव की सरहद पर लगाए गए पिंजरे में गुलदार अभी तक नहीं फंसा है, जिससे भैड़गांव, जुवा, सरूड़ा सहित आसपास के गांवों में गुलदार की दहशत बनी है। वहीं वन विभाग की ओर से गांव में लगाए गए कैमरा ट्रैप में भी गुलदार नजर नहीं आया है। गुलदार की मूवमेंट पर नजर बनाए रखने के लिए वन विभाग ने रविवार को ट्रैप कैमरे की लोकेशन बदल दी है। साथ ही वन कर्मियों की गश्त जारी है।
सरूड़ा सकाली के प्रधान सलमान अली ने बताया कि गुलदार की आवाजें रातभर सुनाई दीं। सकाली गांव में गुलदार के पंजों के निशान मिले हैं, जबकि रविवार सुबह चार बजे के करीब गुलदार जोगियाणा गांव में पानी की टंकी के पास दिखाई दिया। उधर जुवा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि रातभर गुलदार की आवाजें सुनाई दीं। गुलदार की दहशत के कारण शाम ढलते ही ग्रामीण घरों में कैद होने के लिए मजबूर हैं। बता दें कि एक दिसंबर को भैड़गांव निवासी 65 वर्षीय जयंती देवी को गुलदार ने मार डाला था। तभी से ग्रामीण दहशत में हैं। वहीं दुगड्डा के रेंजर किशोर नौटियाल ने बताया कि गुलदार अभी तक पिंजरे में नहीं फंसा है। रविवार को कैमरा ट्रैप की लोकेशन बदल दी गई है। एक दो दिन में सफलता नहीं मिलने पर पिंजरे का स्थान भी बदला जाएगा।
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सरूड़ा सकाली के प्रधान सलमान अली ने बताया कि गुलदार की आवाजें रातभर सुनाई दीं। सकाली गांव में गुलदार के पंजों के निशान मिले हैं, जबकि रविवार सुबह चार बजे के करीब गुलदार जोगियाणा गांव में पानी की टंकी के पास दिखाई दिया। उधर जुवा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि रातभर गुलदार की आवाजें सुनाई दीं। गुलदार की दहशत के कारण शाम ढलते ही ग्रामीण घरों में कैद होने के लिए मजबूर हैं। बता दें कि एक दिसंबर को भैड़गांव निवासी 65 वर्षीय जयंती देवी को गुलदार ने मार डाला था। तभी से ग्रामीण दहशत में हैं। वहीं दुगड्डा के रेंजर किशोर नौटियाल ने बताया कि गुलदार अभी तक पिंजरे में नहीं फंसा है। रविवार को कैमरा ट्रैप की लोकेशन बदल दी गई है। एक दो दिन में सफलता नहीं मिलने पर पिंजरे का स्थान भी बदला जाएगा।
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