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हो गई महिला स्वयंसेवकों की ‘छुट्टी’
ब्यूरो/अमर उजाला काोटद्वार
Updated Fri, 19 Aug 2016 10:47 PM IST
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श्रीनगर। बजट की कमी के चलते युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग (पीआरडी) की ओर से ट्रैफिक व्यवस्था में तैनात 25 महिला स्वयंसवेकों की तीन माह में ही छुट्टी हो गई है। उनके स्थान पर विभाग ने प्रशिक्षण प्राप्त 26 अन्य महिला स्वयंसेवकों की तीन माह के लिए नियुक्ति दी थी। विभाग के अनुसार, 51 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया था। सभी को रोजगार मिले, इसलिए उनको भी सेवा का मौका दिया गया।
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पौड़ी जिले में पीआरडी ने 51 महिलाओं को पुलिस कार्य का प्रशिक्षण दिलाया। इनमें से 25 महिलाओं को विगत 15 मई से यातायात पुलिस कर्मियों के सहयोग के लिए विभिन्न स्थानों में तैनात किया गया। तीन माह की सेवा करते हुए अचानक 15 अगस्त को उन्हें हटा दिया गया। उनके स्थान पर शेष 26 महिलाओं की तैनाती की गई है।
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दिक्कत यह है कि उक्त महिलाओं में 90 फीसदी से ऊपर विधवा, परिक्त्यता और तलाकशुदा हैं। रोजगार मिलने पर उक्त महिलाएं अपने बच्चों सहित तैनाती स्थल में आ गईं और शहर के विभिन्न विद्यालयों में उन्होंने अपने बच्चों का एडमिशन करा दिया। रोजगार छूटने से उनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। अब न तो उनके पास मकान का किराया देने के पैसे हैं और न ही घर का खर्चा चलाने के ।
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जिला युवा कल्याण अधिकारी प्रेम सिंह रावत ने बताया कि महिला स्वयंसेवकों को जिला योजना के बजट से एडजस्ट कर लगाया गया है। बजट की कमी से यह फेरबदल किया गया है। अगली बार से महिलाओं के लिए कम से कम छह माह के रोजगार की व्यवस्था की जाएगी।