{"_id":"60eaf6b08ebc3ec25207cf05","slug":"four-hours-jam-with-tourists-on-the-border-kotdwar-news-drn384115486","type":"story","status":"publish","title_hn":"बॉर्डर पर सैलानियों से लगा चार घंटे जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बॉर्डर पर सैलानियों से लगा चार घंटे जाम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना संक्रमण को देखते हुए देहरादून और मसूरी में सख्ती के बाद पर्यटक कोटद्वार, लैंसडौन और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। रविवार को वीकेंड के चलते सुबह से ही कौड़िया में पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई। पुलिसकर्मियों के बाहरी राज्यों के वाहनों के आरटीपीसीआर जांच करने के कारण करीब चार घंटे तक हाईवे जाम रहा। इस दौरान स्थानीय लोगों का परेशानी का सामना करना पड़ा।
अन्य दिनों की तरह रविवार सुबह भी यूपी-उत्तराखंड बॉडर कौड़िया पर पुलिसकर्मी अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की जांच कर रहे थे। कोटद्वार के वाहनों को सीधा शहर में प्रवेश दिया जा रहा था। करीब आठ बजे अचानक यूपी, दिल्ली और हरियाणा नंबर के वाहनों की तादात बढ़ गई। पुलिसकर्मी एक-एक कर वाहनों में बैठे लोगों की आटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की जांच में जुट गए। लेकिन, तब तक हाईवे पर करीब तीन किमी तक भारी जाम लग गया। बाहरी राज्यों के वाहनों के लिए अलग से लाइन की व्यवस्था नहीं होने के कारण जाम में कोटद्वार के लोगों के वाहन और शहर में आने वाली रोडवेज की बसें भी फंस गई। लोग दो घंटे तक बस में जाम खुलने का इंतजार करते रहे। कई लोग तो जाम नहीं खुलने पर तीन किमी पहले ही उतरकर पैदल ही कोटद्वार पहुंचे। निजी वाहनों के अंदर बैठे स्थानीय लोग चार घंटे तक परेशान रहे। जाम में एक एंबुलेंस भी फंसी रही, लेकिन किसी ने भी एंबुलेस को निकलने का रास्ता नहीं दिया। आखिर में सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने किसी प्रकार एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाया।
.
प्रशासन की व्यवस्था पर भड़के लोग
जाम में फंसे कोटद्वार निवासी कुलदीप रावत, विनोद चौहान, राजेश नौटियाल, अंजना शर्मा ने कोटद्वार प्रशासन पर लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया। कहा कि अन्य राज्य के वाहनों की चेकिंग के लिए अलग से लाइन लगानी चाहिए। पुलिस की चेकिंग के चलते लोग चार घंटे से जाम में फंसे हुए हैं। बच्चे भूखे प्यासे वाहनों फंसे हुए हैं। कहा कि प्रदेश ने पर्यटन को छूट दी है, लेकिन रोडवेज की बसों में बाहरी राज्य से आने वाले लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं देखी जा रही है। ऐसे में मात्र निजी वाहनों की चेकिंग कर प्रशासन खानापूर्ति कर लोगों को परेशान कर रहा है।
विज्ञापन
.
बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में प्रवेश करने के लिए आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट को दिखाना अनिवार्य किया गया है। बिना नेगेटिव रिपोर्ट के लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है, इसकी व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस को निर्देश दिए गए हैं।
- योगेश मेहरा, एसडीएम कोटद्वार
सिद्धबली मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
कोटद्वार। वीकेंड पर रविवार को सिद्धबली मंदिर में दर्शन को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने घंटों लाइन पर लगकर बाबा के दर्शन किए और सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर तक कोटद्वार समेत यूपी के नजीबाबाद, बिजनौर, बढ़ापुर, नगीना, धामपुर आदि क्षेत्रों से ट्रैक्टर ट्रालियों, दोपहिया वाहनों से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सिद्धबाबा के दर्शन किए। भीड़ के कारण सड़क पर वाहनों का जमावड़ा लगा रहा। मंदिर की पार्किंग फुल हो जाने के बाद फलाहारी बाबा मंदिर की पार्किंग में वाहन खड़े कराने पड़े। इसके बावजूद कई वाहन सड़क और खोह पुल के किनारे पर खड़े रहे। संवाद
विज्ञापन
अन्य दिनों की तरह रविवार सुबह भी यूपी-उत्तराखंड बॉडर कौड़िया पर पुलिसकर्मी अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की जांच कर रहे थे। कोटद्वार के वाहनों को सीधा शहर में प्रवेश दिया जा रहा था। करीब आठ बजे अचानक यूपी, दिल्ली और हरियाणा नंबर के वाहनों की तादात बढ़ गई। पुलिसकर्मी एक-एक कर वाहनों में बैठे लोगों की आटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की जांच में जुट गए। लेकिन, तब तक हाईवे पर करीब तीन किमी तक भारी जाम लग गया। बाहरी राज्यों के वाहनों के लिए अलग से लाइन की व्यवस्था नहीं होने के कारण जाम में कोटद्वार के लोगों के वाहन और शहर में आने वाली रोडवेज की बसें भी फंस गई। लोग दो घंटे तक बस में जाम खुलने का इंतजार करते रहे। कई लोग तो जाम नहीं खुलने पर तीन किमी पहले ही उतरकर पैदल ही कोटद्वार पहुंचे। निजी वाहनों के अंदर बैठे स्थानीय लोग चार घंटे तक परेशान रहे। जाम में एक एंबुलेंस भी फंसी रही, लेकिन किसी ने भी एंबुलेस को निकलने का रास्ता नहीं दिया। आखिर में सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने किसी प्रकार एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाया।
विज्ञापन
.
प्रशासन की व्यवस्था पर भड़के लोग
जाम में फंसे कोटद्वार निवासी कुलदीप रावत, विनोद चौहान, राजेश नौटियाल, अंजना शर्मा ने कोटद्वार प्रशासन पर लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया। कहा कि अन्य राज्य के वाहनों की चेकिंग के लिए अलग से लाइन लगानी चाहिए। पुलिस की चेकिंग के चलते लोग चार घंटे से जाम में फंसे हुए हैं। बच्चे भूखे प्यासे वाहनों फंसे हुए हैं। कहा कि प्रदेश ने पर्यटन को छूट दी है, लेकिन रोडवेज की बसों में बाहरी राज्य से आने वाले लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं देखी जा रही है। ऐसे में मात्र निजी वाहनों की चेकिंग कर प्रशासन खानापूर्ति कर लोगों को परेशान कर रहा है।
विज्ञापन
.
बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में प्रवेश करने के लिए आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट को दिखाना अनिवार्य किया गया है। बिना नेगेटिव रिपोर्ट के लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है, इसकी व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस को निर्देश दिए गए हैं।
- योगेश मेहरा, एसडीएम कोटद्वार
सिद्धबली मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
कोटद्वार। वीकेंड पर रविवार को सिद्धबली मंदिर में दर्शन को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने घंटों लाइन पर लगकर बाबा के दर्शन किए और सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर तक कोटद्वार समेत यूपी के नजीबाबाद, बिजनौर, बढ़ापुर, नगीना, धामपुर आदि क्षेत्रों से ट्रैक्टर ट्रालियों, दोपहिया वाहनों से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सिद्धबाबा के दर्शन किए। भीड़ के कारण सड़क पर वाहनों का जमावड़ा लगा रहा। मंदिर की पार्किंग फुल हो जाने के बाद फलाहारी बाबा मंदिर की पार्किंग में वाहन खड़े कराने पड़े। इसके बावजूद कई वाहन सड़क और खोह पुल के किनारे पर खड़े रहे। संवाद