{"_id":"682cb462b6e276871a01d175","slug":"five-posts-of-teachers-of-important-subjects-are-vacant-questions-on-the-educational-future-of-daughters-kotdwar-news-c-5-1-gkp1010-695505-2025-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के पांच पद खाली, बेटियों के शैक्षिक भविष्य पर सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के पांच पद खाली, बेटियों के शैक्षिक भविष्य पर सवाल
विज्ञापन
दुगड्डा (कोटद्वार)। विकासखंड दुगड्डा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में महत्वपूर्ण विषयों से जुड़े शिक्षकों के पांच रिक्त पद रिक्त होने से छात्राओं के शैक्षिक भविष्य पर सवालिया निशान लग रहा है। अभिभावकों ने बेटियाें की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की तैनाती करने की मांग की।
दुगड्डा के निकट गोदी छोटी गांव में 1984 में जीजीआईसी के भवन का निर्माण किया गया था। विद्यालय में दुगड्डा नगर क्षेत्र, आमसौड़, सरुडा़ सकाली, फतेहपुर, हनुमंती, उमरैला, बूंगधार, जुवा, सुनार गांव, मांडई, झवांणा, जमरगड्डी, बांसी आदि दूरस्थ गांवों की कई छात्राएं पढ़ने के लिए आती हैं। फिलहाल विद्यालय में वर्तमान में 89 छात्राएं अध्ययनरत हैं। जीजीआईसी में महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ताओं के पदों पर वर्षों से शिक्षा विभाग की ओर से तैनाती नहीं की गई है। जिससे छात्राओं के पठन-पाठन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
विद्यालय में जिन विषयों को पढ़ाने के लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षक नहीं हैं, उनमें अर्थशास्त्र विषय के लिए पिछले 9 वर्ष, अंग्रेजी के लिए पिछले 4 वर्ष, हिंदी के लिए पिछले 2 वर्ष, संस्कृत के लिए पिछले 4 वर्ष और गणित के लिए पिछले 1 वर्ष से शिक्षक का पद रिक्त चल रहा है। इन रिक्त पड़े पदों पर शिक्षा विभाग की ओर से तैनाती नहीं किए जाने से छात्राओं का शैक्षिक भविष्य प्रभावित होना स्वभाविक है। इसके लेकर अब उनके अभिभावकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से विद्यालय को केवल कागजों पर ही संचालित न कर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की तैनाती करने की मांग की है।
विज्ञापन
विद्यालय में महत्वपूर्ण विषयों के रिक्त पदों की सूचना समय-समय पर उच्च अधिकारियों को भेजी जाती है। प्रवक्ताओं की तैनाती न होने से पठन-पाठन कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। -जाहिदा असलम अंसारी, प्रधानाचार्या, जीजीआईसी दुगड्डा
विज्ञापन
दुगड्डा के निकट गोदी छोटी गांव में 1984 में जीजीआईसी के भवन का निर्माण किया गया था। विद्यालय में दुगड्डा नगर क्षेत्र, आमसौड़, सरुडा़ सकाली, फतेहपुर, हनुमंती, उमरैला, बूंगधार, जुवा, सुनार गांव, मांडई, झवांणा, जमरगड्डी, बांसी आदि दूरस्थ गांवों की कई छात्राएं पढ़ने के लिए आती हैं। फिलहाल विद्यालय में वर्तमान में 89 छात्राएं अध्ययनरत हैं। जीजीआईसी में महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ताओं के पदों पर वर्षों से शिक्षा विभाग की ओर से तैनाती नहीं की गई है। जिससे छात्राओं के पठन-पाठन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
विज्ञापन
विद्यालय में जिन विषयों को पढ़ाने के लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षक नहीं हैं, उनमें अर्थशास्त्र विषय के लिए पिछले 9 वर्ष, अंग्रेजी के लिए पिछले 4 वर्ष, हिंदी के लिए पिछले 2 वर्ष, संस्कृत के लिए पिछले 4 वर्ष और गणित के लिए पिछले 1 वर्ष से शिक्षक का पद रिक्त चल रहा है। इन रिक्त पड़े पदों पर शिक्षा विभाग की ओर से तैनाती नहीं किए जाने से छात्राओं का शैक्षिक भविष्य प्रभावित होना स्वभाविक है। इसके लेकर अब उनके अभिभावकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से विद्यालय को केवल कागजों पर ही संचालित न कर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की तैनाती करने की मांग की है।
विज्ञापन
विद्यालय में महत्वपूर्ण विषयों के रिक्त पदों की सूचना समय-समय पर उच्च अधिकारियों को भेजी जाती है। प्रवक्ताओं की तैनाती न होने से पठन-पाठन कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। -जाहिदा असलम अंसारी, प्रधानाचार्या, जीजीआईसी दुगड्डा