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मानसून पर निर्भर हो गई है खेती
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Wed, 07 Sep 2016 10:22 PM IST
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रिखणीखाल विकासखंड के रथुवाढाब क्षेत्र की कर्तियां पैनों और जुई पापड़ी नहर कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से बंद हो गई है। नहरों पर सिंचाई का पानी नहीं चलने से पूरे इलाके की खेती मानसून पर निर्भर हो गई है। किसानों का कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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ग्राम पंचायत ढिकोलिया के प्रधान पूर्ण सिंह रावत का कहना है कि सिंचाई विभाग के लैंसडौन डिवीजन ने रथुवाढाब क्षेत्र में चार ग्राम पंचायतों की खेती की सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कर्तिया पैनो और जुई पापड़ी नहरों का निर्माण कराया था।
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पूर्व में इन नहरों से 105 हेक्टेयर खेती की सिंचाई होती थी, लेकिन सिंचाई नहरों की मरम्मत नहीं होने से अब केवल 45 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो पा रही है। कर्तिया पैनों के प्रधान लक्ष्मण सिंह रावत, धामधार निवासी महेंद्र सिंह, ढिकोलिया के गबर सिंह, शिशुपाल सिंह, मनवर सिंह, महेश चंद्र का कहना है कि ग्रामीण अंचल में सालों से सिंचाई नहरों की मरम्मत नहीं हुई है, जिसका असर खेती पर पड़ना स्वाभाविक है।
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क्षेत्र में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी जनप्रतिनिधियों और किसानों के संपर्क में रहते हैं। नहरें कहीं भी पूरी तरह बंद नहीं हैं। आपदा से कई स्थानों पर नहरें टूटी हुई हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना के तहत बनवाया जाएगा।
-विक्रम सिंह रावत, सहायक अभियंता सिंचाई दुगड्डा।