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फर्जी प्रमाणपत्रों से नौकरी पाने वाला फारेस्ट गार्ड गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार।
Updated Sat, 21 May 2016 12:05 AM IST
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फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने वाले उत्तरकाशी निवासी फॉरेस्ट गार्ड सुरेंद्र सिंह राणा को कोतवाली पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को उसे यहां एसीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे चौदह दिन की न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेज दिया गया है। आरोपी फारेस्ट गार्ड को लैंसडौन के डीएफओ गत वर्ष जून माह में बर्खास्त कर चुके हैं।
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विभागीय जांच के बाद तत्कालीन सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) की ओर से कोटद्वार कोतवाली में उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
पुलिस के मुताबिक सुरेंद्र सिंह राणा पुत्र राजेंद्र सिंह राणा निवासी ग्राम सौदाड़ी पोस्ट-छुड़ोली जिला उत्तरकाशी ने 29 मार्च 2012 को वन विभाग में फारेस्ट गार्ड के पद पर नियुक्ति पाई थी। तैनाती के समय उसने अपनी अंकतालिका और प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए थे।
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सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत उत्तरकाशी निवासी एक व्यक्ति ने सुरेंद्र राणा के प्रमाणपत्र और अंकतालिका के फर्जी होने की आशंका जताते हुए वन विभाग से शिकायत की थी। विभाग ने प्रमाणपत्रों का संबंधित बोर्ड से सत्यापन कराया तो प्रमाणपत्र फर्जी निकले। तत्कालीन एसीएफ जेएस रावत ने मामले की विभागीय जांच के बाद इसकी रिपोर्ट कोटद्वार कोतवाली में दर्ज कराई थी। बतौर नियुक्ति अधिकारी डीएफओ लैंसडौन नितिशमणि त्रिपाठी गत वर्ष जून माह में वन आरक्षी की नियुक्ति को निरस्त कर चुुके हैं। पुलिस उपनिरीक्षक सतेंद्र भाटी ने बताया कि सुरेंद्र सिंह राणा को बृहस्पतिवार को देहरादून में रिस्पना टैक्सी स्टैंड से गिरफ्तार किया गया।
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