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राज्य वित्त बंद किए जाने पर भड़के प्रधान
पौड़ी
Updated Sun, 20 Dec 2015 07:05 PM IST
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राज्य वित्त के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए दी जाने वाली राशि को प्रदेश सरकार की ओर से बंद किए जाने से ग्राम प्रधान भड़क उठे हैं। ग्राम प्रधान संगठन ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ 22 दिसंबर को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।
ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगपाल सिंह नेगी ने कहा कि राज्य वित्त योजना के अंतर्गत शासन की ओर से ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए हर साल बजट दिया जाता था। प्रदेश सरकार ने 28 नवंबर से ग्राम पंचायतों को दी जाने वाली इस राशि को बंद कर दिया है। सरकार ने ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त के अंतर्गत दी जाने वाली राशि का 60 फीसदी भाग जिला पंचायतों को और 40 फीसदी क्षेत्र पंचायतों को दिए जाने का फैसला लिया है।
कहा कि प्रदर्शन के बाद भी सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो ग्राम प्रधानों को आमरण अनशन पर बैठने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगपाल सिंह नेगी ने कहा कि राज्य वित्त योजना के अंतर्गत शासन की ओर से ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए हर साल बजट दिया जाता था। प्रदेश सरकार ने 28 नवंबर से ग्राम पंचायतों को दी जाने वाली इस राशि को बंद कर दिया है। सरकार ने ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त के अंतर्गत दी जाने वाली राशि का 60 फीसदी भाग जिला पंचायतों को और 40 फीसदी क्षेत्र पंचायतों को दिए जाने का फैसला लिया है।
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कहा कि प्रदर्शन के बाद भी सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो ग्राम प्रधानों को आमरण अनशन पर बैठने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।