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सिमलसेरा गांव में हाथी ने मचाया उत्पात, गेहूं की फसल रौंदी
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जयहरीखाल ब्लाक के सिमलसेरा गांव में हाथी ने रौंदी काश्तकारों की गेहूं की फसल।
- फोटो : KOTDWAR
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जयहरीखाल ब्लाक के अंतर्गत ढौंटियाल क्षेत्र में इन दिनों हाथी की दहशत बनी हुई है। शनिवार रात को हाथी ने सिमलसेरा गांव में खेतों में घुसकर काश्तकारों की गेहूं की फसल रौंद डाली। हाथी ने एक पशुपालक की घुड़साल में बंधे एक घोड़े को भी पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
कालागढ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग लैंसडौन की प्लेन रेंज सीमा से सटे ढौंटियाल क्षेत्र के सिमलसेरा गांव में बीती रात हाथी ने काश्तकारों की गेहूं की फसल रौंद डाली। हाथी ने काश्तकार सुरेंद्र प्रसाद, सुशील चंद्र, संतोष कुमार, किशोरी लाल की गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद हाथी गीताराम घोड़े वाले की घुड़साल में घुस गया और वहां बंधे घोड़ों पर हमला कर दिया। इस दौरान पांच घोड़े रस्सी तोड़कर जंगल की ओर भाग गए। हाथी ने एक घोड़े को जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना का पता सुबह तब चला जब वह घोड़ों को चारा डालने गया। ग्रामीण बलवंत सिंह पटवाल, धनबीर सिंह नेगी, संदीप आदि ने बताया कि हाथी प्लेन नदी पार कर गांव में पहुंचा। उन्होंने वन विभाग से हाथी को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए वन कर्मियों की गश्त लगाने और काश्तकारों को उनके फसलों और पशु क्षति के नुकसान का मुआवजा देने की मांग उठाई है।
प्लेन रेंज के रेंज अधिकारी हरीश भट्ट ने बताया कि मामला संज्ञान में है। वन कर्मियों को मौके पर भेजा गया है। नुकसान का आंकलन करने के बाद मुआवजे के लिए रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
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कालागढ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग लैंसडौन की प्लेन रेंज सीमा से सटे ढौंटियाल क्षेत्र के सिमलसेरा गांव में बीती रात हाथी ने काश्तकारों की गेहूं की फसल रौंद डाली। हाथी ने काश्तकार सुरेंद्र प्रसाद, सुशील चंद्र, संतोष कुमार, किशोरी लाल की गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद हाथी गीताराम घोड़े वाले की घुड़साल में घुस गया और वहां बंधे घोड़ों पर हमला कर दिया। इस दौरान पांच घोड़े रस्सी तोड़कर जंगल की ओर भाग गए। हाथी ने एक घोड़े को जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना का पता सुबह तब चला जब वह घोड़ों को चारा डालने गया। ग्रामीण बलवंत सिंह पटवाल, धनबीर सिंह नेगी, संदीप आदि ने बताया कि हाथी प्लेन नदी पार कर गांव में पहुंचा। उन्होंने वन विभाग से हाथी को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए वन कर्मियों की गश्त लगाने और काश्तकारों को उनके फसलों और पशु क्षति के नुकसान का मुआवजा देने की मांग उठाई है।
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प्लेन रेंज के रेंज अधिकारी हरीश भट्ट ने बताया कि मामला संज्ञान में है। वन कर्मियों को मौके पर भेजा गया है। नुकसान का आंकलन करने के बाद मुआवजे के लिए रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
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