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Kotdwar News: बागियों के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन से बढ़ी मुश्किलें, मनाने के प्रयास तेज

Wed, 01 Jan 2025 10:32 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jan 2025 10:32 PM IST
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Difficulties increased due to nomination of rebels as independent candidates, efforts to persuade intensified

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कोटद्वार। मेयर और पार्षद पद पर बागियों के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कराए जाने से भाजपा व कांग्रेस में पार्टी प्रत्याशियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बागियों की फेरहिस्त लंबी होने के कारण भाजपा के चुनाव प्रभारी तो कोटद्वार पहुंचकर पार्टी प्रत्याशियों व बूथ कार्यकर्ताओं की बैठक तक ले चुके हैं। बृहस्पतिवार को नाम वापसी का दिन है। इससे पहले दोनों ही राजनीतिक पार्टियाें के शीर्ष नेता बागियों को मनाने में जुटे हुए हैं।नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद नामांकन पत्रों की जांच का कार्य चल रहा है। भाजपा व कांग्रेस से टिकट न मिलने के बाद कई कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मेयर व पार्षद पद के लिए नामांकन कराया है।
भाजपा की बात करें तो पूर्व सैनिक गजेंद्र मोहन धस्माना ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मेयर पद के लिए दावेदारी की है। वहीं पार्षदों की बात करें तो कई प्रत्याशी वर्षों से पार्टी का झंडा उठाए हुए थे और दो साल से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे थे। इनमें अधिकांश दावेदारों के सपने आरक्षण ने चकनाचूर कर दिए।
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वहीं कई दावेदारों के नाम पार्टी के पार्षद प्रत्याशियों की सूची से भी गायब होने पर उन्होंने निर्दलीय ताल ठोक दी है। कार्यकर्ताओं के बागी तेवरों से पार्टी के शीर्ष नेताओं के माथे पर बल पड़े हुए हैं। भाजपा के कोटद्वार नगर निगम चुनाव प्रभारी ने मंगलवार को पार्टी प्रत्याशियों के साथ बैठक कर बागियों को मनाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
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बताया जा रहा है कि पार्टी प्रत्याशियों ने बागियों के नामांकन पर गहरी नाराजगी जताई है। कई प्रत्याशियों की ओर से यह दबाव भी बनाया जा रहा है कि या तो बागियों को नामांकन वापस करने के लिए मना लिया जाए या फिर उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया जाए। वहीं, पूर्व सैनिक महेंद्रपाल सिंह रावत की ओर से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कराए जाने से कांग्रेस के साथ ही भाजपा के माथे पर भी बल पड़े हुए हैं।

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