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Kotdwar News: खोह नहर की मरम्मत व मलबा सफाई का कार्य पूरा करने की मांग
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कोटद्वार। आपदा से क्षतिग्रस्त बांयीं (पूर्वी) खोह नहर की मरम्मत एवं मलबा सफाई का कार्य दो साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है, जिससे काश्तकारों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे आगामी बरसात में भी फसलों के प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। संयुक्त समाजसेवी संगठन, सनेह पट्टी के पदाधिकारियों ने सिंचाई विभाग की लापरवाह पूर्ण कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए नहर की मरम्मत व मलबा सफाई का कार्य अविलंब पूरा करने की मांग की है।
संयुक्त समाज सेवी संगठन, सनेह पट्टी की बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और क्षेत्रीय किसानों ने सिंचाई नहरों का मामला उठाया। अध्यक्ष मोहन सिंह गुसाईं, महासचिव हरीश चंद्र भदूला, सचिव महानंद ध्यानी, उपाध्यक्ष सुल्तान सिंह रावत, कोषाध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी, और सदस्य हरेंद्र सिंह रौतेला ने कहा कि वर्ष 2023 में खोह नदी में आई आपदा के दौरान नहर के मेन हेड को काफी नुकसान पहुंचा था। तब पूरी नहर में मलबा भरने से नहर कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी।
बहेड़ा स्रोत पुलिया के उत्तरी और दक्षिणी छोर के साथ ही कई जगह नहर की मरम्मत व बेड का निर्माण अभी तक अधूरा पड़ा है। मनकामेश्वर मंदिर के पास पानी रोकने के लिए पूर्व में एक फुट ऊंचा व पांच फुट लंबा अवरोधक बनाया गया था, जिसे नहर की मरम्मत के वक्त तोड़ दिया गया। कहा कि रामपुर में नागर मंदिर तक नहर में अब भी तीन फुट मलबा भरा हुआ है। रामपुर में तास नंबर-24 के पास डाट के अंदर प्लास्टर का कार्य नहीं कराया गया है। रामपुर में कीड़ी व हरिकिशन नाला के डाट का ऊपरी हिस्सा टूटा हुआ है, जिससे बरसात में मलबा नहर में आ रहा है। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल राठौर को ज्ञापन सौंपकर नहर का मरम्मत व मलबा सफाई का कार्य पूर्ण कराने की मांग की है। ईई ने समिति के सदस्यों को नहर की मरम्मत व मलबा सफाई का कार्य जल्द पूर्ण करने का भरोसा दिया है।
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संयुक्त समाज सेवी संगठन, सनेह पट्टी की बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और क्षेत्रीय किसानों ने सिंचाई नहरों का मामला उठाया। अध्यक्ष मोहन सिंह गुसाईं, महासचिव हरीश चंद्र भदूला, सचिव महानंद ध्यानी, उपाध्यक्ष सुल्तान सिंह रावत, कोषाध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी, और सदस्य हरेंद्र सिंह रौतेला ने कहा कि वर्ष 2023 में खोह नदी में आई आपदा के दौरान नहर के मेन हेड को काफी नुकसान पहुंचा था। तब पूरी नहर में मलबा भरने से नहर कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी।
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बहेड़ा स्रोत पुलिया के उत्तरी और दक्षिणी छोर के साथ ही कई जगह नहर की मरम्मत व बेड का निर्माण अभी तक अधूरा पड़ा है। मनकामेश्वर मंदिर के पास पानी रोकने के लिए पूर्व में एक फुट ऊंचा व पांच फुट लंबा अवरोधक बनाया गया था, जिसे नहर की मरम्मत के वक्त तोड़ दिया गया। कहा कि रामपुर में नागर मंदिर तक नहर में अब भी तीन फुट मलबा भरा हुआ है। रामपुर में तास नंबर-24 के पास डाट के अंदर प्लास्टर का कार्य नहीं कराया गया है। रामपुर में कीड़ी व हरिकिशन नाला के डाट का ऊपरी हिस्सा टूटा हुआ है, जिससे बरसात में मलबा नहर में आ रहा है। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल राठौर को ज्ञापन सौंपकर नहर का मरम्मत व मलबा सफाई का कार्य पूर्ण कराने की मांग की है। ईई ने समिति के सदस्यों को नहर की मरम्मत व मलबा सफाई का कार्य जल्द पूर्ण करने का भरोसा दिया है।
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