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डिग्री कालेज की दूरी बनी डिग्री में रोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, पौड़ी।
Updated Wed, 14 Dec 2016 10:44 PM IST
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क्षेत्र में डिग्री कालेज का अभाव व यातायात की व्यवस्था न होने से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को इंटर की पढ़ाई के बाद उच्च शिक्षा के लिए 30 से 50 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीण लंबे समय से क्षेत्र में डिग्री कालेज खोले जाने की मांग कर रहे है, किंतु आज तक ग्रामीणों की मांग पर कोई कार्यवाही नही हो पाई है।
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विकास खंड पाबौ में वर्तमान में 13 इंटरमीडिएट कालेज हैं जिनमें सैकड़ों छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है। इंटर की पढ़ाई के बाद इन छात्र-छात्राओं को डिग्री की पढ़ाई के लिए 30 से 50 किमी दूर पौड़ी व पैठाणी जाना पड़ जाता है, जिस कारण गरीब छात्र-छात्राओं के लिए डिग्री की शिक्षा एक चुनौती बनी है।
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ग्रामीण रूप सिंह भंडारी व सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र नौटियाल कहते है कि क्षेत्र में डिग्री कालेज के अभाव की मार सबसे अधिक गरीब मेधावी छात्र-छात्राओं को झेलनी पड़ रही है। क्षेत्र में 13 इंटरमीडिएट कालेज हैं जिनमें सैकड़ों बच्चे अध्ययनरत है।
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इनमें से घर की वित्तीय हालत के कारण आधे बच्चे ही डिग्री कोर्स कर पाते हैं। क्षेत्र में डिग्री कालेज खुल जाता है तो क्षेत्र के हर बच्चे को इसका लाभ मिलता। कहा कि क्षेत्रीय जनता की डिग्री कालेज की मांग सबसे पुरानी है, किंतु आज तक सरकार की ओर से कालेज खोले जाने को लेकर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। ग्रामीण कुलदीप भंडारी, भूपेंद्र रावत, मंगल सिंह नेगी, दिगंबर पोखरियाल, सुरेश खंकरियाल, गणेश नेगी ने सरकार से क्षेत्र में डिग्री कालेज खोले जाने की मांग की है।