फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Debris again came from the hill in Amsaur, CSC center and a shop got damaged

Kotdwar News: आमसौड़ में पहाड़ी से फिर आया मलबा, सीएससी सेंटर और एक दुकान को पहुंचा नुकसान

Mon, 02 Sep 2024 11:09 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 02 Sep 2024 11:09 PM IST
विज्ञापन
Debris again came from the hill in Amsaur, CSC center and a shop got damaged

विज्ञापन
कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के आपदा प्रभावित गांव आमसौड़ के ग्रामीणों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार सुबह तड़के हुई भारी बारिश के दौरान केलापाणी और कटेला डांडा में एक बार फिर भूस्खलन हुआ, जिससे मलबा सीएससी सेंटर के दरवाजे को तोड़ते हुए दूसरे हिस्से से रास्ते बाहर एनएच पर बहने लगा। इस दौरान पास में स्थित चाय की दुकान में भी मलबा और बरसाती पानी घुस गया।



आमसौड़ गांव में बीते वर्ष से केलापाणी और कटेला डांडा में शुरू हुआ भूस्खलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बरसात में भी 6 जुलाई और 23 अगस्त को गांव में भारी मात्रा में मलबा आया था, तक मुश्किल से लोगों ने भागकर जान बचाई थी। ग्रामीण इंद्रमोहन जुयाल ने बताया कि सोमवार तड़के 4:00 बजे के करीब हुई भारी बारिश के दौरान केलापाणी और कटेला डांडा में भूस्खलन हुआ, जिससे पहाड़ी का मलबा पाणी रौले से होते हुए स्थानीय ग्रामीण सुशील जुयाल के सीएससी सेंटर में घुस गया। जिससे क्षतिग्रस्त हिस्से के रास्ते मलबा दरवाजा तोड़ते हुए उनके सीएससी सेंटर के दूसरे हिस्से में घुसकर एनएच पर बहने लगा। कहा कि मलबा आने से दुकान के दूसरे हिस्से की दीवार और छत भी क्षतिग्रस्त हो गई है। साथ ही दुकान का पीछे का पूरा हिस्सा मलबे से पट गया है। मलबे के साथ आया बरसाती पानी पास ही स्थित ग्रामीण चंद्रमोहन की चाय की दुकान में भी घुस गया। इसके अलावा इंद्रमोहन जुयाल का सिंचाई हौज भी मलबे से पट गया है।
विज्ञापन


.



नौ सितंबर को करेंगे तहसील में प्रदर्शन

कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के आपदा प्रभावित गांव आमसौड़ के ग्रामीणों की पंचायत भवन में हुई बैठक में शासन-प्रशासन की ओर से राहत व बचाव कार्य न किए जाने पर रोष जताते हुए आगामी 9 सितंबर को तहसील में धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले साल 23 अगस्त को उनके गांव में पहाड़ी से भारी मात्रा में भूस्खलन हुआ था। जिसके बाद गांव के कई परिवारों को अन्य सुरक्षित स्थानों में शरण लेनी पड़ी थी। कहा कि ग्रामीण तभी से पहाड़ी का ट्रीटमेंट कराने, राहत और बचाव कार्य करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन एक साल बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दुर्गा सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य कुंदन सिंह, सीता देवी, संतोष जुयाल, मनोहर अग्रवाल, शांता देवी, पूर्णिमा देवी, सुनीता देवी, विक्रम सिंह, नीलम देवी, चंद्रकला देवी, जगपाल सिंह, सुमन देवी आदि शामिल रहे। बैठक का संचालन गणेश जुयाल ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed