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कोटद्वार में बवाल और तोड़फोड़ मामले का नाटकीय ढंग से पटाक्षेप

Wed, 11 Oct 2017 10:47 PM IST
Updated Wed, 11 Oct 2017 10:47 PM IST
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कोटद्वार में बवाल और तोड़फोड़ मामले का नाटकीय ढंग से पटाक्षेप

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कोटद्वार। कोटद्वार के गोखले मार्ग पर मंगलवार को बवाल और तोड़फोड़ के मामले का नाटकीय ढंग से पटाक्षेप हो गया। मंगलवार शाम गिरफ्तार किए गए हिंदू संगठनों के पांचों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए रातों-रात थाने से ही जमानत दे दी गई। पुलिस ने आरोपियों पर लगी लूट और धार्मिक उन्माद फैलाने की धाराएं हटा ली हैं। उन पर अब केवल मारपीट, बलवा और धमकी देने का मुकदमा चलेगा। अलबत्ता, शहर में सुरक्षा प्रबंध चौकस किए गए हैं। गोखले मार्ग पर हर वक्त पुलिस की निगाह बनी रहेगी। झंडाचौक में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
भाबर के कलालघाटी पुलिस चौकी क्षेत्र में एक युवती के अपहरण के बाद देरी से दर्ज की गई रिपोर्ट को लेकर पहले से किरकिरी झेल रही कोटद्वार पुलिस गोखले मार्ग पर हुए बवाल और तोड़फोड़ मामले में बैकफुट पर नजर आ रही है। एक संप्रदाय विशेष के फड़ और सब्जी वालों से मारपीट कर उनके धमकाने के मामले में कोतवाली पुलिस जिस तेजी के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर कोतवाली लाई, उसी तेजी से पुलिस ने मंगलवार रातोंरात मामले का पटाक्षेप भी कर दिया। फ्रूट व्यापार एसोसिएशन की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने छह नामजद समेत 25 लोगों के खिलाफ बलवा, तोड़फोड़, लूट, धमकी देने और धार्मिक उन्माद फैलाने समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार देर शाम को हिंदू संगठनों से जुड़े पांच नामजद कार्यकर्ताओं तेजपाल प्रजापति, राहुल अग्रवाल, सतेंद्र सिंह रावत, सुमित सिंघल, साजन वाल्मीकि को गिरफ्तार कर पुलिस कोतवाली ले आई। रातोंरात इस मामले में पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। स्वतंत्र गवाहों के बयान भी ले लिए गए। वरिष्ठ अधिकारियों को जहां तहरीर में लूट की बात गलत लगी, वहीं धार्मिक उन्माद की धाराएं भी हटा ली गई। चर्चा यह रही कि पुलिस पर पहले तो इन लोगों की तुरंत गिरफ्तारी का दबाव पड़ा, लेकिन बाद में इन्हें थाने से ही जमानत देने की नौबत आ गई। अलबत्ता, पुलिस अधिकारियों ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए थाने में ही जमानत देने का पर्याप्त आधार बताया।
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अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार डा. हरीश वर्मा का कहना है कि सात साल से कम सजा वाले अपराध में परिस्थितियों के आधार पर थाने से ही जमानत दी जा सकती है। बताया कि सारी कार्रवाई कानून के आधार पर ही की गई है। आरोपियों पर बलवा, मारपीट और धमकी देने का मुकदमा चलेेगा। अराजकता को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर में पर्याप्त पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
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