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बाढ़ सुरक्षा दीवार दरकी, भवनों को खतरा

Sun, 05 Jun 2016 06:45 PM IST
अमर उजाला/दुगड्डा।
अमर उजाला/दुगड्डा। Updated Sun, 05 Jun 2016 06:45 PM IST
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crack flood protection wall, buildings at risk
दुगड्डा नगर क्षेत्र में सिलगाड़ नदी में टूटी बाढ़ सुरक्षा दीवार। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

नगरपालिका दुगड्डा की लापरवाही के कारण नदी किनारे बने आवासीय भवनों पर आने वाली बरसात में खतरा बना हुआ है। भूकटाव और देखरेख के अभाव में दुगड्डा नगर के दोनों छोर से बहती सिलगाड़ और लंगूरगाड़ नदी के बहाव से बचाने के लिए बनी सुरक्षा दीवार दरकने लगी है। इसके कारण आने वाली बरसात में नदी के उफान पर आने को लेकर लोगोें की चिंता बढ़ती जा रही है।

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वर्ष 2012 में नगरपालिका प्रशासन ने नदियों के उफान से आवासीय भवनों को बचाने के लिए बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाई थी। लेकिन, गुणवत्ता की कमी के कारण पहली बरसात में ही सुरक्षा दीवार दरकने लगी। रही सही कसर वर्ष 2014 में हुई भीषण बारिश ने सुरक्षा दीवार बहा दी थी। तब से अब तक बाढ़ सुरक्षा दीवार पर कार्य नहीं हो सका। वर्तमान में हालत यह है कि अधिकतर सुरक्षा दीवार बह चुकी है। लोगों को बरसात में नदी का पानी घर में घुसने का डर सताने लगा है।
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दुगड्डा नगर के इन क्षेत्रों में बना है खतरा
- वार्ड नंबर एक धनीराम बाजार का बाल्मीकि बस्ती से सटा क्षेत्र भूकटाव की जद में है। - वार्ड नंबर दो कमला नेहरू मार्ग का सिलगाड नदी के तटवर्ती क्षेत्र में स्थापित भवनों की बुनियाद सुरक्षा कवच धसने से संवेदनशील बना हुआ है।
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- वार्ड नंबर तीन का मोतीबाजार क्षेत्र का अधिकांश  हिस्सा सिलगाड नदी के उफान के कारण जलभराव से प्रभावित होने से खतरे में है।
- वार्ड नंबर चार सुभाष बाजार का कंडवाल मोहल्ला विगत दो वर्षों से आपदा से प्रभावित है।

लोगों का दर्द
स्थानीय निवासी रामप्रसाद डोबरियाल, गिरीश चंद्र गौड़ ने बताया कि वर्ष 2014 में हुई भीषण बारिश से लंगूरगाड नदी के उफान से नदी से सुरक्षा के लिए बनाये पुश्ते ध्वस्त होने से बदहाल स्थिति में है। मई में आई एक बारिश से ही पानी घरों में घुसने लगा था। बरसात में नदी किनारे के भवनों में पानी घुसने के पूरे आसार हैं। बरसात से पहले सुरक्षा दीवार रखी जानी आवश्यक है। ऐसा नहीं होने पर जानमाल के नुकसान के साथ नगर के अस्तित्व पर संकट छा सकता है।


कोट
नगरवासियों की सुरक्षा के प्रति पालिका प्रयासरत है। संवेदनशील क्षेत्र के ट्रीटमेंट के लिये 14 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा गया था। लेकिन बजट स्वीकृत नहीं होने से मरम्मत का कार्य लंबित पड़ा है। बरसात से पूर्व बजट स्वीकृत कराने के प्रयास किए जाएंगे। ताकि समय रहते सुरक्षा दीवार पर कार्य हो सके।
- दीपक बडोला,  नगरपालिका अध्यक्ष दुगड्डा

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