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हाईटेक अपराधियों को पकड़ने को आधुनिक तकनीक अपनाएं
कालागढ़/कोटद्वार
Updated Fri, 08 Jan 2016 06:28 PM IST
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कार्बेट नेशनल पार्क के कालागढ़ स्थित कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन अधिकारियों ने वन एवं वन्यजीव के हाईटेक अपराधियों की धरपकड़ के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया गया।
क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के विशेषज्ञों ने उत्तराखंड और यूपी के करीब चालीस से अधिक वन एवं पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण देते हुए विभागों में तालमेल पर खास जोर दिया। यूपी एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने कहा कि हाईटेक हो रहे अपराधियों की धरपकड़ के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना जरूरी हो गया है। ब्यूरो के उत्तरी रीजन के उपनिदेशक निशांत वर्मा ने कहा कि वन्यजीवों के अपराधों को रोकने के लिए सबसे पहले वन व पुलिस विभाग में तालमेल होना आवश्यक है। अपराधियों के पकड़े जाने के बाद उनके विरुद्ध उचित वन अपराध जारी किए जाएं जिससे न्यायालय में मामला सही तरह से रखा जाए और अपराधियों को दंड मिल सके। अपराधियों द्वारा हाईटेक तकनीक के प्रयोग से वन्यजीवों पर खतरा बढ़ गया है। दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता व्योम रघुवंशी, पीलीभीत अधिवक्ता डीपी सिंह, वन्यजीव संस्थान देहरादून के वैज्ञानिक डॉ. एसपी गोयल, भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी सीपी शर्मा, कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक चीफ कंजरवेटर समीर सिन्हा ने अपराधी पकड़ने का प्रशिक्षण दिया। समापन अवसर पर सीटीआर के डायरेक्टर समीर सिन्हा ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए।
प्रशिक्षण में दोनों राज्यों के पुलिस विभाग के सीओ, एसओ, वन विभाग के सहायक वन संरक्षक, एसडीओ, रेंजर स्तर के अधिकारी शामिल थे।
वन्यजीवों की तस्करी से राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक व चीफ कंजरवेटर समीर सिन्हा ने कालागढ़ के कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र में कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीवों के अंगों की तस्करी से राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। आज अपराधियों के गिरोह संगठित होकर वन्यजीव अपराध कर रहे हैं। इन अपराधों की रोकथाम को भारत सरकार का क्राइम कंट्रोल ब्यूरो उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के वन व पुलिस अधिकारियों के लिए आगे आया है। सीमा संवेदनशील होने से उत्तर प्रदेश की सीमा पर बिजनौर से अमानगढ़ टाइगर रिजर्व, कार्बेट टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र के लिए खतरा बढ़ गया है।
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वन क्षेत्र में अलर्ट घोषित
क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के उपनिदेशक निशांत वर्मा ने बताया कि अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों को मौत के घाट उतारने वाले गिरोह के दो सदस्यों को हाईकोर्ट से जमानत मिल जाने पर कार्बेट व अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में अलर्ट घोषित किया गया है। उनकी निगरानी रखने को कहा गया है।
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क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के विशेषज्ञों ने उत्तराखंड और यूपी के करीब चालीस से अधिक वन एवं पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण देते हुए विभागों में तालमेल पर खास जोर दिया। यूपी एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने कहा कि हाईटेक हो रहे अपराधियों की धरपकड़ के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना जरूरी हो गया है। ब्यूरो के उत्तरी रीजन के उपनिदेशक निशांत वर्मा ने कहा कि वन्यजीवों के अपराधों को रोकने के लिए सबसे पहले वन व पुलिस विभाग में तालमेल होना आवश्यक है। अपराधियों के पकड़े जाने के बाद उनके विरुद्ध उचित वन अपराध जारी किए जाएं जिससे न्यायालय में मामला सही तरह से रखा जाए और अपराधियों को दंड मिल सके। अपराधियों द्वारा हाईटेक तकनीक के प्रयोग से वन्यजीवों पर खतरा बढ़ गया है। दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता व्योम रघुवंशी, पीलीभीत अधिवक्ता डीपी सिंह, वन्यजीव संस्थान देहरादून के वैज्ञानिक डॉ. एसपी गोयल, भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी सीपी शर्मा, कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक चीफ कंजरवेटर समीर सिन्हा ने अपराधी पकड़ने का प्रशिक्षण दिया। समापन अवसर पर सीटीआर के डायरेक्टर समीर सिन्हा ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए।
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प्रशिक्षण में दोनों राज्यों के पुलिस विभाग के सीओ, एसओ, वन विभाग के सहायक वन संरक्षक, एसडीओ, रेंजर स्तर के अधिकारी शामिल थे।
वन्यजीवों की तस्करी से राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक व चीफ कंजरवेटर समीर सिन्हा ने कालागढ़ के कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र में कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीवों के अंगों की तस्करी से राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। आज अपराधियों के गिरोह संगठित होकर वन्यजीव अपराध कर रहे हैं। इन अपराधों की रोकथाम को भारत सरकार का क्राइम कंट्रोल ब्यूरो उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के वन व पुलिस अधिकारियों के लिए आगे आया है। सीमा संवेदनशील होने से उत्तर प्रदेश की सीमा पर बिजनौर से अमानगढ़ टाइगर रिजर्व, कार्बेट टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र के लिए खतरा बढ़ गया है।
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वन क्षेत्र में अलर्ट घोषित
क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के उपनिदेशक निशांत वर्मा ने बताया कि अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों को मौत के घाट उतारने वाले गिरोह के दो सदस्यों को हाईकोर्ट से जमानत मिल जाने पर कार्बेट व अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में अलर्ट घोषित किया गया है। उनकी निगरानी रखने को कहा गया है।