{"_id":"c0a2015d3f8a2453bf2327723c1a431d","slug":"another-expert-in-the-preparation-of-the-medical-college-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कालेज से एक और विशेषज्ञ जाने की तैयारी में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कालेज से एक और विशेषज्ञ जाने की तैयारी में
ब्यूरो/ अमर उजाला कोटद्वार
Updated Wed, 03 Feb 2016 10:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे यहां राजकीय मेडिकल कालेज को एक और झटका लगा है। एक और एसोसिएट प्रोफेसर कालेज को अलविदा कहने वाले हैं। कम्युनिटी मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डा. संतोष कुमार का चयन एम्स ऋषिकेश के लिए हो गया है। वह एक-दो दिन में यहां त्यागपत्र देकर एम्स में ज्वाइन कर लेंगे।
यहां बता दे कि मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. व्यास कुमार राठौर, जनरल मेडिसिन की एसोसिएट प्रोफेसर डा. मोनिका पठानिया और स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग की सहायक प्रो. रीना पाल एक माह पहले यहां से त्यागपत्र देकर दून मेडिकल कालेज व एम्स ऋषिकेश जा चुके हैं।
अब कम्युनिटी मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डा. संतोष कुमार भी त्यागपत्र देने की तैयारी में हैं। वर्तमान में वह मेडिकल कालेज के अर्बन हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर (शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र) के प्रभारी हैं। डा. संतोष तनाव, अवसाद और नशे के आदी मरीजों को मार्गदर्शन (काउंसिलिंग) कर सुधारने के रूप में जाने जाते हैं। इसके अलावा हृदय रोग से पीड़ित मरीजों के लिए भी वह कई बार बेहतर चिकित्सक साबित हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
यहां बता दे कि मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. व्यास कुमार राठौर, जनरल मेडिसिन की एसोसिएट प्रोफेसर डा. मोनिका पठानिया और स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग की सहायक प्रो. रीना पाल एक माह पहले यहां से त्यागपत्र देकर दून मेडिकल कालेज व एम्स ऋषिकेश जा चुके हैं।
विज्ञापन
अब कम्युनिटी मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डा. संतोष कुमार भी त्यागपत्र देने की तैयारी में हैं। वर्तमान में वह मेडिकल कालेज के अर्बन हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर (शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र) के प्रभारी हैं। डा. संतोष तनाव, अवसाद और नशे के आदी मरीजों को मार्गदर्शन (काउंसिलिंग) कर सुधारने के रूप में जाने जाते हैं। इसके अलावा हृदय रोग से पीड़ित मरीजों के लिए भी वह कई बार बेहतर चिकित्सक साबित हुए।
विज्ञापन