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अंकिता हत्याकांड: एसआईटी के विवेचक से बचाव पक्ष की जिरह का सिलसिला जारी
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कोटद्वार। अंकिता हत्याकांड मामले की शुक्रवार को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे) कोर्ट में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से एसआईटी के विवेचना अधिकारी इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह खोलिया से जांच के दौरान दर्ज किए गवाहों के बयान से संबंधित 45 से अधिक सवाल पूछे गए। शुक्रवार को भी जिरह पूरी नहीं हो सकी, जिसके कारण अदालत ने अब अगली तिथि 06 दिसंबर को निर्धारित की है।
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड मामले की एसआईटी जांच के बाद कोटद्वार की एडीजे कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में अब तक एसआईटी के विवेचना अधिकारी समेत 47 गवाह अदालत में पेश किए जा चुके हैं।
47वें गवाह के रुप में अभियोजन पक्ष की ओर से एसआईटी के विवेचना अधिकारी इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह खोलिया की पांच दिन गवाही कराई गई थी। इसके बाद बीते 30 अगस्त से बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से प्रति परीक्षा (जिरह) का सिलसिला शुरू हुआ था। जो शुक्रवार को भी जारी रही। शुक्रवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से गवाह पुष्पदीप और मृतका के बीच की चैटिंग और दूसरे गवाहों खुशराज, अभिनव कश्यप से संबंधित सवाल पूछे गए। अगली तिथि 06 दिसंबर को भी जिरह के लिए विवेचना अधिकारी को अदालत में बुलाया गया है।
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यह है मामला
18 सिंतबर, 2022 की रात को पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर विकासखंड के गंगा भोगपुर तल्ला स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्यरत अंकिता भंडारी की संदिग्ध हालात में हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने उसका शव चीला शक्ति नहर से बरामद किया था। शासन की ओर से इस मामले की जांच एसआईटी से कराई गई। जिसके बाद वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक व दो अन्य कर्मियों के खिलाफ करीब 500 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना), 354 (ए) (छेड़खानी व लज्जा भंग) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय हुए हैं। दूसरे आरोपी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है।
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उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड मामले की एसआईटी जांच के बाद कोटद्वार की एडीजे कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में अब तक एसआईटी के विवेचना अधिकारी समेत 47 गवाह अदालत में पेश किए जा चुके हैं।
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47वें गवाह के रुप में अभियोजन पक्ष की ओर से एसआईटी के विवेचना अधिकारी इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह खोलिया की पांच दिन गवाही कराई गई थी। इसके बाद बीते 30 अगस्त से बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से प्रति परीक्षा (जिरह) का सिलसिला शुरू हुआ था। जो शुक्रवार को भी जारी रही। शुक्रवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से गवाह पुष्पदीप और मृतका के बीच की चैटिंग और दूसरे गवाहों खुशराज, अभिनव कश्यप से संबंधित सवाल पूछे गए। अगली तिथि 06 दिसंबर को भी जिरह के लिए विवेचना अधिकारी को अदालत में बुलाया गया है।
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यह है मामला
18 सिंतबर, 2022 की रात को पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर विकासखंड के गंगा भोगपुर तल्ला स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्यरत अंकिता भंडारी की संदिग्ध हालात में हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने उसका शव चीला शक्ति नहर से बरामद किया था। शासन की ओर से इस मामले की जांच एसआईटी से कराई गई। जिसके बाद वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक व दो अन्य कर्मियों के खिलाफ करीब 500 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना), 354 (ए) (छेड़खानी व लज्जा भंग) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय हुए हैं। दूसरे आरोपी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है।