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Kotdwar News: नहीं हुई निश्चेतक की तैनाती, मरीज और तीमारदारों में आक्रोश

Mon, 29 Jul 2024 10:25 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jul 2024 10:25 PM IST
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Anesthesiologist not deployed, anger among patients and attendants
कोटद्वार। रफ्ता-रफ्ता एक महीना बीत गया और राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार में निश्चेतक की तैनाती नहीं हुई। अस्पताल में ऑपरेशन के लिए पहुंचने वाले मरीजों के सामने अभी भी भटकाव की स्थिति बनी हुई है। अब अगस्त माह में ही निश्चेतक की तैनाती की संभावना जताई जा रही है, लेकिन एक महीने तक अस्पताल को निश्चेतक विहीन रखकर ऑपरेशन के लिए मरीजों और तीमारदारों को भटकने के लिए छोड़ने से आमजनता में रोष व्याप्त है।कोटद्वार स्थित राजकीय बेस अस्पताल के अलावा पौड़ी गढ़वाल के दूरस्थ क्षेत्रों से मरीज उपचार कराने के लिए आते हैं। यहां गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन, हड्डियों के ऑपरेशन, नाक-कान-गले के ऑपरेशन के साथ-साथ जनरल सर्जरी के लिए विशेषज्ञ सर्जन की तैनाती होने के कारण बड़ी संख्या में लोग यहां ऑपरेशन के लिए पहुंचते हैं। ऑपरेशन में निश्चेतक की उपलब्धता अनिवार्य रहती है। 30 जून को बेस अस्पताल के वरिष्ठ निश्चेतक डॉ. एसडी आर्य की सेवानिवृत्ति के बाद से अब तक किसी दूसरे निश्चेतक की तैनाती अस्पताल में नहीं हुई है। शल्य चिकित्सकों से उपचार करा रहे मरीज ऑपरेशन नहीं हो पाने पर निराश होकर भटकने के लिए मजबूर हैं। उन्हें दूरस्थ सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन की लंबी वेटिंग लिस्ट अथवा निजी अस्पतालों में मोटी रकम खर्च कर ऑपरेशन कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इन हालात में आमजन में स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
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आमजनता की परेशानी, उनकी जुबानी



बेस अस्पताल में कई प्रकार के ऑपरेशन की सुविधा है, लेकिन यहां एक महीने से ऑपरेशन न हो पाने की जानकारी होने के बावजूद निश्चेतक की तैनाती न करना सीधे तौर पर मानवाधिकारों की अनदेखी है।
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-अनिल खंतवाल, एडवोकेट (फोटो)



महानगर कोटद्वार और पौड़ी गढ़वाल के दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को संसाधन होने के बावजूद अगर हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून जाना पड़े, तो यह राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा सवाल है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की स्वास्थ्य निदेशालय को अवगत कराने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। सही समय पर ऑपरेशन नहीं होने से मरीज की जान जोखिम में रहती है। जल्द ही संबंधित चिकित्सक की तैनाती होनी चाहिए।
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-नंदलाल धनगर, समाजसेवी (फोटो)



अस्पताल में अनेक मरीज ऐसे पहुंचते हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती। ऐसे में उन्हें ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिलने से बाहर ऑपरेशन के लिए कर्ज लेना पड़ता है और मानसिक तनाव झेलना पड़ता है।


-आयुष त्रिपाठी, युवा छात्र नेता (फोटो)



-बेस अस्पताल में प्रतिमाह औसत ऑपरेशन

प्रसव सर्जरी - 50 से 60



आर्थो सर्जरी - 20 से 25

जनरल सर्जरी - 15 से 20



ईएनटी सर्जरी - 10 से 15

अस्पताल में निश्चेतक की तैनाती के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय से पत्राचार चल रहा है। अगस्त की शुरुआत में निश्चेतक मिलने की संभावना है। - बीएस रावत, प्रबंधक, बेस अस्पताल कोटद्वार
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