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Kotdwar News: रेलवे स्टेशन के एक अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी डेंगू से पीड़ित
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कोटद्वार। अब रेलवे स्टेशन के एक अधिकारी और एक तकनीकी कर्मचारी डेंगू की चपेट में आ गए हैं। इसके बाद से अन्य रेलकर्मी स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। राजकीय बेस अस्पताल में एलाइजा टेस्ट की जांच में अब तक डेंगू के 12 मामले सामने आ चुके हैं। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फील्ड वर्करों को और भी अलर्ट कर दिया है।
तीन दिन से बुखार से पीड़ित होने के बाद कराई गई जांच में रेलवे स्टेशन के एक अधिकारी में डेंगू की पुष्टि हुई है। अगले ही दिन एक तकनीकी कर्मचारी को भी डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया। रेलवे स्टेशन के नए भवन का निर्माण चल रहा है। ऐसे में कई जगहों पर गड्ढों में पानी का जमावड़ा हर समय रहता है। कई दिनों से शौचालय का टैंक निर्माणाधीन है। टैंक में पानी भरा होने और सफाई पर विशेष ध्यान नहीं होने से मच्छर पनप रहे हैं। दूसरी ओर अस्पताल में डेंगू एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
डेंगू को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने इस बार निजी चिकित्सकों और पैथोलॉजी लैब की भी मदद लेना शुरू की है। ताकि डेंगू से जुड़ी अधिकतर जानकारी हो सके और क्षेत्र में इसकी रोकथाम के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें। एसीएमओ/डेंगू प्रतिरक्षण अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. एसडी बर्मन ने बताया कि फील्ड वर्कर्स ने तीन से 30 अगस्त तक 66 टेस्ट किए थे। जिसमें दो डेंगू पॉजिटिव मिले। कोटद्वार क्षेत्र में छह से 30 अगस्त तक 1123 बुखार पीड़ित मिले। इनमें 263 के डेंगू टेस्ट किए गए। पॉजिटिव रिपोर्ट शून्य रही।
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नोडल अधिकारी ने बताया कि पीएचसी दुगड्डा क्षेत्र में चार, अपर पीएचसी गाड़ीघाट क्षेत्र में 12, पीएचसी-ए कलालघाटी क्षेत्र में दो, एसडीएच कोटद्वार में 35 समेत कुल 56 रेपिड डेंगू टेस्ट किए गए हैं। एनएस-1 के दो मामले पॉजिटिव आने पर एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव रही। वहीं, प्राइवेट चिकित्सक से उपचार करा रही बुखार पीड़ित महिला की एनएस-1 रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद एलाइजा टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव रही। नगर के अलग-अलग वार्डों में जुटीं फील्ड वर्कर्स टीमों को 145 घरों में डेंगू लार्वा मिला है। इन्हें चिह्नित कर निदान कराया जा रहा है।
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तीन दिन से बुखार से पीड़ित होने के बाद कराई गई जांच में रेलवे स्टेशन के एक अधिकारी में डेंगू की पुष्टि हुई है। अगले ही दिन एक तकनीकी कर्मचारी को भी डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया। रेलवे स्टेशन के नए भवन का निर्माण चल रहा है। ऐसे में कई जगहों पर गड्ढों में पानी का जमावड़ा हर समय रहता है। कई दिनों से शौचालय का टैंक निर्माणाधीन है। टैंक में पानी भरा होने और सफाई पर विशेष ध्यान नहीं होने से मच्छर पनप रहे हैं। दूसरी ओर अस्पताल में डेंगू एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
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डेंगू को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने इस बार निजी चिकित्सकों और पैथोलॉजी लैब की भी मदद लेना शुरू की है। ताकि डेंगू से जुड़ी अधिकतर जानकारी हो सके और क्षेत्र में इसकी रोकथाम के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें। एसीएमओ/डेंगू प्रतिरक्षण अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. एसडी बर्मन ने बताया कि फील्ड वर्कर्स ने तीन से 30 अगस्त तक 66 टेस्ट किए थे। जिसमें दो डेंगू पॉजिटिव मिले। कोटद्वार क्षेत्र में छह से 30 अगस्त तक 1123 बुखार पीड़ित मिले। इनमें 263 के डेंगू टेस्ट किए गए। पॉजिटिव रिपोर्ट शून्य रही।
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नोडल अधिकारी ने बताया कि पीएचसी दुगड्डा क्षेत्र में चार, अपर पीएचसी गाड़ीघाट क्षेत्र में 12, पीएचसी-ए कलालघाटी क्षेत्र में दो, एसडीएच कोटद्वार में 35 समेत कुल 56 रेपिड डेंगू टेस्ट किए गए हैं। एनएस-1 के दो मामले पॉजिटिव आने पर एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव रही। वहीं, प्राइवेट चिकित्सक से उपचार करा रही बुखार पीड़ित महिला की एनएस-1 रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद एलाइजा टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव रही। नगर के अलग-अलग वार्डों में जुटीं फील्ड वर्कर्स टीमों को 145 घरों में डेंगू लार्वा मिला है। इन्हें चिह्नित कर निदान कराया जा रहा है।