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केटीआर और लैंसडौन वन प्रभागों में अलर्ट, गश्त बढ़ाई
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दीपावली पर्व पर वन्यजीवों के शिकार और तस्करी की आशंका पर केटीआर और लैंसडौन वन प्रभाग में अलर्ट घोषित किया गया है। बिना अनुमति किसी को भी वन सीमा में न जाने की हिदायत दी गई है। वन कर्मियों की दिन और रात की गश्त बढ़ा दी गई है। केटीआर में ई-सर्विलांस सिस्टम से तस्करों की घुसपैठ पर नजर रखी जा रही है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के कालागढ़ टाइगर रिजर्व (केटीआर) वन प्रभाग की करीब 30 किमी दक्षिणी सीमा यूपी के जिला बिजनौर से सटी होने के कारण अति संवेदनशील मानी जाती है। इस क्षेत्र में ई-सर्विलांस सिस्टम से तस्करों की घुसपैठ पर नजर रखी जा रही है। थर्मल और नाइटविजन कैमरों से लैस ये टॉवर केटीआर की समूची दक्षिणी सीमा को कवर करते हुए तस्करों और शिकारियों की घुसपैठ पर निगाह रखे हुए हैं। कंट्रोल रूम लैंसडौन स्थित वन प्रभाग मुख्यालय से ही यहां नजर रखी जा रही है।
इसके अलावा दिवाली के समय केटीआर में अवैध शिकार रोकने के लिए छह टीमों का गठन किया गया है। साथ ही गश्त भी बढ़ा दी गई है। केटीआर के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि दीपावली पर्व को देखते हुए केटीआर में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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वहीं लैंसडौन के डीएफओ दिनकर तिवारी ने बताया कि लैंसडौन वन प्रभाग कार्बेट और राजाजी नेशनल पार्क के बीच का हिस्सा है। उनके डिवीजन में लालढांग से लेकर कोटद्वार और कोटड़ी तक मैदानी इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। सभी रेंजों के वन कर्मियों को अलर्ट किया गया है।
क्या है इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम
संवेदनशील वन क्षेत्रों की निगरानी के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम का उपयोग किया जाता है। इसमें छोटी रेंज के इन्फ्रारड और लंबी रेंज के नाइटविजन थर्मल कैमरे चोटियों पर लगाए जाते हैं। सभी कैमरे आपस में जुड़े रहते हैं जो केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से वायरमैकस से संचालित होते हैं। इन कैमरों में विपरीत मौसम में भी कार्य करने की क्षमता होती है। कोई भी संदिग्ध गतिविधि होने पर चेतावनी जारी करता है और सूचना सभी केंद्रों को प्रसारित हो जाती है। इससे तत्काल कार्रवाई करने में सहायता मिलती है।
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कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के कालागढ़ टाइगर रिजर्व (केटीआर) वन प्रभाग की करीब 30 किमी दक्षिणी सीमा यूपी के जिला बिजनौर से सटी होने के कारण अति संवेदनशील मानी जाती है। इस क्षेत्र में ई-सर्विलांस सिस्टम से तस्करों की घुसपैठ पर नजर रखी जा रही है। थर्मल और नाइटविजन कैमरों से लैस ये टॉवर केटीआर की समूची दक्षिणी सीमा को कवर करते हुए तस्करों और शिकारियों की घुसपैठ पर निगाह रखे हुए हैं। कंट्रोल रूम लैंसडौन स्थित वन प्रभाग मुख्यालय से ही यहां नजर रखी जा रही है।
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इसके अलावा दिवाली के समय केटीआर में अवैध शिकार रोकने के लिए छह टीमों का गठन किया गया है। साथ ही गश्त भी बढ़ा दी गई है। केटीआर के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि दीपावली पर्व को देखते हुए केटीआर में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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वहीं लैंसडौन के डीएफओ दिनकर तिवारी ने बताया कि लैंसडौन वन प्रभाग कार्बेट और राजाजी नेशनल पार्क के बीच का हिस्सा है। उनके डिवीजन में लालढांग से लेकर कोटद्वार और कोटड़ी तक मैदानी इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। सभी रेंजों के वन कर्मियों को अलर्ट किया गया है।
क्या है इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम
संवेदनशील वन क्षेत्रों की निगरानी के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम का उपयोग किया जाता है। इसमें छोटी रेंज के इन्फ्रारड और लंबी रेंज के नाइटविजन थर्मल कैमरे चोटियों पर लगाए जाते हैं। सभी कैमरे आपस में जुड़े रहते हैं जो केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से वायरमैकस से संचालित होते हैं। इन कैमरों में विपरीत मौसम में भी कार्य करने की क्षमता होती है। कोई भी संदिग्ध गतिविधि होने पर चेतावनी जारी करता है और सूचना सभी केंद्रों को प्रसारित हो जाती है। इससे तत्काल कार्रवाई करने में सहायता मिलती है।