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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   after the incident came to the cage Guldar

घटना के नौ दिन बाद पिंजड़े में आया गुलदार

Thu, 01 Sep 2016 11:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला काोटद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला काोटद्वार Updated Thu, 01 Sep 2016 11:09 PM IST
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देवप्रयाग। सजवाणकांडा और डुंगरियालकांड गांव के बीच स्थित जोल्या बोड़ तोक में बृहस्पतिवार को एक गुलदार पिंजड़े में कैद हो गया। नौ दिन पूर्व इसी स्थान में गुलदार ने 10 साल की बालिका को मार डाला था। हालांकि अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि यह गुलदार आदमखोर है या नहीं।  

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गुलदार के पिंजड़े में फंसने पर लोग उसे मारने पर उतारू हो गए। उन्होंने मौके पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) मणिकनाथ केएस रावत का घेराव कर गुलदार को मारने की मांग की। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए रेंजर और तहसीलदार शंकर लाल चौरसिया को लिखकर देना पड़ा कि नरभक्षी पाए जाने पर गुलदार को नियमानुसार मारा जाएगा।
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बता दें कि 23 अगस्त की शाम सजवाणकांडा गांव के जोल्या बोड़ तोक में गुलदार ने बालिका को मार डाला था। इस घटना के बाद विभाग ने गांव में दो शूटर, तीन पिंजड़े सहित गश्ती दल तैनात कर दिए थे। बुधवार रात जोल्या बोड़ में लगाए गए पिंजड़े में एक गुलदार फंस गया। सूचना मिलते ही सजवाण कांडा, डुंगरियाल कांडा, गोरर्ती कांडा, जाली कांडा और महड़कांडा की महिलाएं-पुरुष हाथों में दरांती लेकर घटनास्थल पर पहुंच गए। रेंजर और तहसीलदार के पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका घेराव कर दिया। उन्होंने कहा कि गुलदार को उनके हवाले कर दिया जाए। प्रदर्शनकारियों में विनोद टोडरिया, देंवेंद्र भंडारी, सोबनी देवी, ओमदेई, भूमा देवी, वीरपाल और चैन सिंह नेगी आदि शामिल थे।
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पकड़े गए गुलदार को रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है, जहां परीक्षण कर यह मालूम किया जाएगा कि गुलदार नरभक्षी है या नहीं।
राहुल, डीएफओ नरेंद्रनगर

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