{"_id":"6ad8a69030c9188bce09e020","slug":"a-dlitt-felicitation-volume-dedicated-to-prof-dhaundiyal-will-be-published-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1009-127493-2026-10-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: प्रो. ढौंडियाल पर प्रकाशित होगा डी.लिट्. अभिनंदन ग्रंथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: प्रो. ढौंडियाल पर प्रकाशित होगा डी.लिट्. अभिनंदन ग्रंथ
Wed, 21 Oct 2026 05:18 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 21 Oct 2026 05:18 PM IST
विज्ञापन
कोटद्वार। वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. नंदकिशोर ढौंडियाल ‘अरुण’ के साहित्यिक योगदान और हिंदी साहित्य की सेवा को देखते हुए उनके सम्मान में डी.लिट्. अभिनंदन ग्रंथ प्रकाशित किया जाएगा। इसके लिए गढ़वाली चौक ध्रुवपुर में आयोजित बैठक में हिंदी साहित्य के वट-वृक्ष प्रो. ढौंडियाल डीलिट्. अभिनंदन ग्रंथ समिति का गठन किया गया।
समिति में प्रकाश चंद्र कोठारी और डॉ. मनोरमा ढौंडियाल को संरक्षक, चंद्रप्रकाश नैथानी को निदेशक, डॉ. अशोक गिरी को प्रधान संपादक चुना गया। संपादक मंडल में डॉ. ललन कुमार बुडाकोटी, डॉ. बीना वशिष्ठ और संपत्ति नेगी ‘संध्या’ को शामिल किया गया। डॉ. सुरेंद्र लाल आर्य को कार्यकारी संपादक, मंजुल किशोर ढौंडियाल को प्रबंध संपादक, दीपशिखा ढौंडियाल को समन्वयिका और मोहित रावत को निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इस अवसर पर संरक्षक प्रकाश चंद्र कोठारी ने कहा कि प्रो. ढौंडियाल ने अपने साहित्यिक जीवन में 201 पुस्तकों का सृजन किया है लेकिन उनके व्यापक साहित्य का समुचित परिचय और मूल्यांकन अभी तक नहीं हो पाया है। साहित्यांचल के अध्यक्ष एवं समिति के निदेशक चंद्रप्रकाश नैथानी ने कहा कि प्रो. ढौंडियाल की पुस्तक ‘गढ़वाल की दिवंगत विभूतियां’ ने महान व्यक्तित्वों को पहचान दिलाई। बैठक में डॉ. सुरेंद्र लाल आर्य, डॉ. ललन कुमार बुडाकोटी, डॉ. मनोरमा ढौंडियाल, मंजुल किशोर ढौंडियाल, मोहित रावत सहित अन्य साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
समिति में प्रकाश चंद्र कोठारी और डॉ. मनोरमा ढौंडियाल को संरक्षक, चंद्रप्रकाश नैथानी को निदेशक, डॉ. अशोक गिरी को प्रधान संपादक चुना गया। संपादक मंडल में डॉ. ललन कुमार बुडाकोटी, डॉ. बीना वशिष्ठ और संपत्ति नेगी ‘संध्या’ को शामिल किया गया। डॉ. सुरेंद्र लाल आर्य को कार्यकारी संपादक, मंजुल किशोर ढौंडियाल को प्रबंध संपादक, दीपशिखा ढौंडियाल को समन्वयिका और मोहित रावत को निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई।
विज्ञापन
इस अवसर पर संरक्षक प्रकाश चंद्र कोठारी ने कहा कि प्रो. ढौंडियाल ने अपने साहित्यिक जीवन में 201 पुस्तकों का सृजन किया है लेकिन उनके व्यापक साहित्य का समुचित परिचय और मूल्यांकन अभी तक नहीं हो पाया है। साहित्यांचल के अध्यक्ष एवं समिति के निदेशक चंद्रप्रकाश नैथानी ने कहा कि प्रो. ढौंडियाल की पुस्तक ‘गढ़वाल की दिवंगत विभूतियां’ ने महान व्यक्तित्वों को पहचान दिलाई। बैठक में डॉ. सुरेंद्र लाल आर्य, डॉ. ललन कुमार बुडाकोटी, डॉ. मनोरमा ढौंडियाल, मंजुल किशोर ढौंडियाल, मोहित रावत सहित अन्य साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन