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सुपर फाइनल में प्राथमिक विद्यालय सतपुली मल्ली ने मारी बाजी
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सतपुली। नयारघाटी महोत्सव के अंतिम दिन स्कूली बच्चों के डांस का सुपर फाइनल मुकाबला हुआ। इसमें प्राथमिक विद्यालय सतपुली ने बाजी मारी। इस मौके पर संगीता ढौंडियाल, सौरभ मैठानी व मनीष लखेड़ा सहित स्थानीय लोक कलाकार जीतू मियां और हेमंत बिष्ट ने लोक संस्कृति की छटा बिखेरी। कार्यक्रम में पत्रकार गणेश काला समेत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए आठ लोगों को सम्मानित किया गया।
महोत्सव का शुभारंभ हंस फाउंडेशन के प्रदेश प्रभारी पदमेंद्र बिष्ट ने किया। कार्यक्रम में आयोजक जगदंबा डंगवाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए आठ लोगों को नयारघाटी गौरव सम्मान से सम्मानित किया। धार्मिक क्षेत्र में बसंती रावत, शिक्षा के क्षेत्र में प्रताप सिंह एवं लक्ष्मी नैथानी, सामाजिक क्षेत्र में पुष्पेंद्र राना, राज्य आंदोलनकारी स्व. मोहन लाल शर्मा को मरणोपरांत व थामेश्वेर प्रसाद कुकरेती को आंदोलनकारी, चिकित्सा के क्षेत्र में डा. दिवाकर दत्त गोदियाल, पत्रकारिता के क्षेत्र में गणेश काला और संगीत के क्षेत्र में स्व. मदन मोहन को मरणोपरांत यह सम्मान मिला। महोत्सव के अंतिम दिन संगीता ढौंडियाल की प्रस्तुति ढोल दमो बजी गेना, हाय झिल मा, मोहना मेरा पहाड़ ऐई पर दर्शक झूम उठे। स्थानीय लोक कलाकार जीतू मियां और हेमंत बिष्ट ने लोक संस्कृति पर आधारित गीतों और भजनों की प्रस्तुतियां दीं। इस मौके पर स्कूली बच्चों के डांस का सुपर फाइनल मुकाबला भी आयोजित किया गया। इसमें प्राथमिक विद्यालय सतपुली मल्ली, प्राथमिक विद्यालय कांडा, श्रीवर्म पब्लिक स्कूल ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में विद्या दत्त ध्यानी, प्रताप सिंह व हेमलता शामिल रहे। महोत्सव में चंद्रमोहन डोबरियाल, सुनील डंडरियाल, अचलानंद डोबरियाल, इंदू जुयाल, कुसुम खंतवाल, मीनू, सुचि, जगमोहन डांगी, हरीश स्वामी व हरि सिंह सहित सैकड़ों स्थानीय लोग शामिल रहे।
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महोत्सव का शुभारंभ हंस फाउंडेशन के प्रदेश प्रभारी पदमेंद्र बिष्ट ने किया। कार्यक्रम में आयोजक जगदंबा डंगवाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए आठ लोगों को नयारघाटी गौरव सम्मान से सम्मानित किया। धार्मिक क्षेत्र में बसंती रावत, शिक्षा के क्षेत्र में प्रताप सिंह एवं लक्ष्मी नैथानी, सामाजिक क्षेत्र में पुष्पेंद्र राना, राज्य आंदोलनकारी स्व. मोहन लाल शर्मा को मरणोपरांत व थामेश्वेर प्रसाद कुकरेती को आंदोलनकारी, चिकित्सा के क्षेत्र में डा. दिवाकर दत्त गोदियाल, पत्रकारिता के क्षेत्र में गणेश काला और संगीत के क्षेत्र में स्व. मदन मोहन को मरणोपरांत यह सम्मान मिला। महोत्सव के अंतिम दिन संगीता ढौंडियाल की प्रस्तुति ढोल दमो बजी गेना, हाय झिल मा, मोहना मेरा पहाड़ ऐई पर दर्शक झूम उठे। स्थानीय लोक कलाकार जीतू मियां और हेमंत बिष्ट ने लोक संस्कृति पर आधारित गीतों और भजनों की प्रस्तुतियां दीं। इस मौके पर स्कूली बच्चों के डांस का सुपर फाइनल मुकाबला भी आयोजित किया गया। इसमें प्राथमिक विद्यालय सतपुली मल्ली, प्राथमिक विद्यालय कांडा, श्रीवर्म पब्लिक स्कूल ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में विद्या दत्त ध्यानी, प्रताप सिंह व हेमलता शामिल रहे। महोत्सव में चंद्रमोहन डोबरियाल, सुनील डंडरियाल, अचलानंद डोबरियाल, इंदू जुयाल, कुसुम खंतवाल, मीनू, सुचि, जगमोहन डांगी, हरीश स्वामी व हरि सिंह सहित सैकड़ों स्थानीय लोग शामिल रहे।
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