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जान जोखिम में डाल, हाथियों को भगा रहे ग्रामीण
Updated Mon, 08 Oct 2018 10:12 PM IST
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किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर क्षेत्र के झंडीचौड़ पूर्वी और पश्चिमी में पिछले एक सप्ताह से लगातार हाथी की धमक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण जान हथेली पर लेकर हाथियों को खदेड़ने पर मजबूर हैं। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त कर हाथी से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
ग्रामीण मुकेश प्रसाद, बालकृष्ण, रेखा देवी, सुखपाल शाह, जयदेव सिंह, विमला देवी, चंद्रमणि, हिमांशु देवलियाल, सुरेंद्र लाल, राम प्रसाद व विनोद कुमार ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से झंडीचौड़ पश्चिमी और पूर्वी में बिजनौर वन प्रभाग के जंगल से हाथी खेतों में घुस कर धान की फसल को रौंद कर नष्ट कर रहे हैं। वनकर्मियों को लगातार सूचना दी जा रही है, पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ग्रामीण स्वयं जान हथेली पर रखकर हाथियों को खदेड़ने पर मजबूर हैं। इससे जानमाल का नुकसान होने की संभावना बनी हुई है। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त करने के साथ ही ग्रामीणों को पटाखे उपलब्ध करवाने की मांग की है।
उधर, कोटद्वार रेंज अधिकारी आरपी पंत ने बताया कि जहां-जहां हाथियों की धमक की सूचना मिल रही है, वहां वन कर्मियों से गश्त करवाई जा रही है। झंडीचौड़ क्षेत्र में भी वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाएगी और ग्रामीणों को हाथी भगाने के लिए पटाखे उपलब्ध करवाए जाएंगे।
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ग्रामीण मुकेश प्रसाद, बालकृष्ण, रेखा देवी, सुखपाल शाह, जयदेव सिंह, विमला देवी, चंद्रमणि, हिमांशु देवलियाल, सुरेंद्र लाल, राम प्रसाद व विनोद कुमार ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से झंडीचौड़ पश्चिमी और पूर्वी में बिजनौर वन प्रभाग के जंगल से हाथी खेतों में घुस कर धान की फसल को रौंद कर नष्ट कर रहे हैं। वनकर्मियों को लगातार सूचना दी जा रही है, पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ग्रामीण स्वयं जान हथेली पर रखकर हाथियों को खदेड़ने पर मजबूर हैं। इससे जानमाल का नुकसान होने की संभावना बनी हुई है। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त करने के साथ ही ग्रामीणों को पटाखे उपलब्ध करवाने की मांग की है।
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उधर, कोटद्वार रेंज अधिकारी आरपी पंत ने बताया कि जहां-जहां हाथियों की धमक की सूचना मिल रही है, वहां वन कर्मियों से गश्त करवाई जा रही है। झंडीचौड़ क्षेत्र में भी वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाएगी और ग्रामीणों को हाथी भगाने के लिए पटाखे उपलब्ध करवाए जाएंगे।
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